हिमाचल में अफसरों की लड़ाई सामने आई:चीफ सेक्रेटरी ने 3 पूर्व CS को लपेटा, विधानसभा में चेस्टर-हिल विवाद गूंजा, अधिकारी को हटाने की मांग

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को मुख्य सचिव पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का मामला गूंजा। बीजेपी विधायक सत्तपाल सत्ती ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत मामला उठाते हुए कहा कि जिस प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मुख्य सचिव को पद से हटाया था, क्या मुख्यमंत्री सुक्खू भी अधिकारी को पद से हटाने के हिम्मत दिखाएंगे? बता दें कि, हिमाचल के मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर एडवोकेट विनय शर्मा और माकपा नेताओं ने चेस्टर हिल प्रोजेक्ट की जमीन खरीद में गड़बड़ियों की जांच को दबाने और परवाणू व न्यू चंडीगढ़ में सस्ते रेट पर जमीन खरीदने के आरोप लगाए है। यही मामला आज विधानसभा में उठने के बाद मुख्य सचिव संजय गुप्ता खुलकर मीडिया के सामने आए और सफ़ाई दी। संजय गुप्ता ने हिमाचल के दो पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और RD धीमान को डाउटफुल इंटीग्रिटी का बताते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- प्रबोध सक्सेना और RD धीमान ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। गुप्ता ने कहा- इन दोनों के कहने पर ही उनके खिलाफ चेस्टर हिल मामले को लेकर छोटा शिमला में शिकायत दी गई। पुलिस में दी गई शिकायत बेबुनियाद: गुप्ता संजय गुप्ता ने कहा कि मामले में उनके खिलाफ छोटा शिमला पुलिस थाना में दर्ज की गई शिकायत पूरी तरह से बेबुनियाद और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर 3 एकड़ जमीन लेने का जो आरोप लगाया जा रहा है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि यह जमीन जुलाई 2025 में सरकार की परमिशन के बाद ली गई। इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है। कलेक्टर रेट से ज्यादा में जमीन खरीदी: संजय कम रेट पर जमीन खरीदने के आरोपों पर संजय गुप्ता ने कहा कि जमीन का कलेक्टर रेट 1 करोड़ 10 लाख रुपए था और उन्होंने जमीन एक करोड़ 35 लाख में खरीदी। खरीदारी के स्रोत को लेकर संजय गुप्ता ने कहा कि उन्होंने 75 लाख रुपए जून महीने में जीपीएफ से लिए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे विनय शर्मा द्वारा की गई शिकायत प्रेरित और वाहवाही लेने के उद्देश्य से की गई है है। मुख्य सचिव के खिलाफ रची जा रही साजिश मुख्य सचिव ने कहा कि बिजली बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने 5 हजार करोड़ रुपए का मुनाफा कमाकर दिया था। उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले पारदर्शिता के साथ लिए गए थे। इसलिए, उनकी कार्यशैली को बदनाम करने के लिए यह साजिश रची जा रही है। उन्होंने बताया कि एक ग्रोवर और पूर्व मुख्य सचिव आरडी धीमान के खिलाफ 2 FIR पहले ही विजिलेंस में है। साथ ही ईडी ने भी इस मामले को टेकअप किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 130 करोड़ की लागत वाली कुनिहार-नालागढ़ लाइन में नियमों की अवहेलना हुई थी जिनकी जांच चल रही है। पूर्व रेरा चीफ बाल्दी पर भी सवाल उठाए संजय गुप्ता ने चेस्टर हिल मामले में पूर्व रेरा चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर चेस्टर हिल में कुछ गड़बड़ी थी तो फिर भी इसकी रेरा से अप्रूवल पूर्व IAS अधिकारी श्रीकांत बाल्दी के समय में दी गई थी।

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