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करौली में कैलादेवी चैत्र लख्खी मेला पूर्णिमा के साथ विधिवत संपन्न हो गया। 16 मार्च से शुरू हुए इस विशाल धार्मिक आयोजन में करीब 45 लाख श्रद्धालुओं ने मां कैलादेवी के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। राजस्थान सहित उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पैदल और वाहनों के माध्यम से मां कैलादेवी के दरबार पहुंचे। पूर्णिमा के दिन भी हजारों भक्तों ने दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की।
श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने सैकड़ों बसों का संचालन किया। इससे यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सका। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देशन में लगभग 1500 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया था। इसमें विभिन्न जिलों के एसपी, डिप्टी एसपी, थानाधिकारी, कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और कमांडो शामिल थे। कड़ी निगरानी और सतर्कता के कारण पूरा मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। ट्रस्टी कृष्णचंद पाल, विवेक द्विवेदी, प्रदीप द्विवेदी, चंद्रकांत कुड़तकर, के.पी. सिंह और संतोष वकील के नेतृत्व में व्यवस्थाओं को सुधारा गया। कालीसिल नदी पर गोताखोर तैनात किए गए थे और मंदिर परिसर में करीब 300 सुरक्षाकर्मी मौजूद थे, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा मिली। मेला कंट्रोल रूम प्रभारी एवं लीगल एडवाइजर एडवोकेट संतोष सिंह ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में यह पहला अवसर था जब मेला बिना किसी बड़ी दुर्घटना या अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भी इन व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।
करौली में 45 लाख श्रद्धालुओं ने किए कैलादेवी के दर्शन:परिवार में सुख-शांति मांगी, चैत्र लक्खी मेला हुआ संपन्न
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