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जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति और पदानुक्रम को लेकर एक बड़ा विवाद गहराया है। कुछ वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि वरिष्ठता नियमों की खुली अनदेखी कर एक कनिष्ठ अधिकारी को मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) जैसा रसूखदार पद सौंप दिया गया है। इस प्रोटोकॉल वॉर से नाराज वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त शासन सचिव (जयपुर) को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पूछा भी है- जब हम सीनियर हैं तो जूनियर के अधीन काम कैसे करें? अतिरिक्त शासन सचिव को भेजी गई शिकायत के अनुसार प्रतिभा गुप्ता को प्रिंसिपल पद से सीधे सीडीईओ के पद पर पद विरुद्ध नियुक्त किया गया है। वरिष्ठता का गणित˘… कौन कितना सीनियर? अफसरों के दावों और दलीलों की जंग प्रशासनिक मर्यादा जरूरी
“सीडीईओ हमसे जूनियर हैं। उनके अधीन कार्य करना बेहद मुश्किल और गरिमा के खिलाफ है। हमने सरकार का ध्यान इस विसंगति की ओर खींचा है।”
-ननिहाल सिंह चौहान, एडीपीसी मुझे सरकार ने दी है जिम्मेदारी
“मुझे सरकार ने इस जिम्मेदारी पर बैठाया है। ये सभी अधिकारी मेरे बैचमेट हैं। मेरा ध्यान केवल जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने पर है। मुझ पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।”
-प्रतिभा गुप्ता, सीडीईओ, उदयपुर
सीडीईओ की नियुक्ति पर विवाद:शिक्षा विभाग में जूनियर के अधीन सीनियर, वरिष्ठता ताक पर, अफसरों ने खोला मोर्चा
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