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राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने डीडवाना-कुचामन जिले में भी ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान चलाया। इस दौरान स्कूलों में कानूनी साक्षरता एवं संवेदीकरण शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2340 विद्यार्थियों ने भाग लिया। अभियान की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा ने की। इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट जहां जीवन का अभिन्न अंग बन गया है, वहीं ऑनलाइन धोखाधड़ी, डेटा चोरी और फेक न्यूज जैसे खतरे भी बढ़ गए हैं। विद्यार्थियों को ओटीपी, पासवर्ड और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करने की सलाह दी गई। ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटियां स्थापित की
उन्हें सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने और साइबर अपराध होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस से संपर्क करने के लिए भी प्रेरित किया गया। अभियान के तहत स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत पेटियां भी स्थापित की गईं। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को एक सुरक्षित मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी डर या संकोच के अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें। सुरक्षित बचपन के अधिकार पर जोर
इन पेटियों के माध्यम से बच्चों की शिकायतें सीधे न्यायिक अधिकारियों तक पहुंचेंगी, जिससे उन्हें त्वरित सहायता और न्याय मिल सकेगा। इस अभियान में विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।
सोन देवी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाहर सिंह मीणा, ऑरनेट एजुसिस्टम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार गजरा, डीडवाना पब्लिक स्कूल में सचिव महावीर सिंह चारण, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एसीजेएम मनोज जीनगर तथा बलदेव राम मिर्धा स्कूल में सिविल न्यायाधीश पंकज ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। अधिकारियों ने अपने संबोधन में बच्चों को सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित बचपन के अधिकार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही एक सुरक्षित और जिम्मेदार समाज की नींव रखती है।
जज ने टीचर बनकर साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाया:स्कूल में बच्चों को साइबर क्राइम के प्रति किया जागरूक
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