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आगरा के थाना ट्रांस यमुना में हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव, उसके तीन भाई और बेटे पर जान से मारने का प्रयास और चौथ वसूली का मुकदमा दर्ज हुआ है। एफआईआर हिस्ट्रीशीटर मोनू के गांव के एक व्यक्ति ने दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ही मोनू जेल से बाहर आया है।
आगरा के नगला रामबल में रहने वाले मोनू यादव एक बार फिर चर्चा में है। पिछले दिनों राज चौहान हत्याकांड से चर्चा में आए मोनू यादव के खिलाफ ट्रांस यमुना थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मुकदमा नगला रामबल निवासी राजू ने दर्ज कराया है। उसने पुलिस को बताया कि उसका सौ फुटा मार्ग, कालिंदी विहार पर एक ढाबा है। मोनू यादव अपने गुर्गों के साथ उसके ढाबे पर अक्सर खाना खाने आता था। दबंगई दिखाता था और खाने के रुपये नहीं देता था। उसे लगातार धमकाता था। इससे परेशान होकर उसने अपना ढाबा किराये पर दे दिया। राजू का आरोप है कि 22 जनवरी को पंचमुखी मंदिर के पास मोनू यादव, रजत यादव, सेठी यादव, सोनू यादव और मुरली यादव ने उसे पकड़ लिया। उसे धमकाया और कहा कि खाने के पैसे मांगने की हिम्मत कैसे की। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। मोनू यादव ने उस पर गोली चलाई। मारणं घायल हो गया और बमुश्किल अपनी जान बचाकर वहां से भागा। 16 अप्रैल को जेल से बाहर आया था मोनू पीड़ित के अनुसार, मोनू यादव एक पुराने मुकदमे में जमानत कटवाकर जेल चला गया था और 16 अप्रैल को जेल से बाहर आया। 17 अप्रैल को जब वह अपने ढाबे पर किराया लेने जा रहा था, तभी मोनू यादव ने उसे पकड़ लिया। उसे धमकाते हुए कहा कि जिंदा रहना है तो दस लाख रुपये दे। उस समय उसकी जेब में 30 हजार रुपये थे, जो उसने दहशत में मोनू यादव को दे दिए। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित का आरोप है कि मोनू यादव और उसके गुर्गों का इलाके में आतंक है। जो भी उनके खिलाफ आवाज उठाता है, उसके साथ कुछ भी हो इसके लिए मोनू यादव जिम्मेदार होगा। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मोनू यादव और उसके साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी।
हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव, भाइयों पर मुकदमा:10 लाख की चौथ मांगने व जानलेवा हमले का लगा आरोप, बेटा भी नामजद
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