कोटा58 मिनट पहले
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जेईई-मेन 2026 के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जेईई-मेन के आधार पर शीर्ष ढाई लाख विद्यार्थी एडवांस के लिए पात्र घोषित किए गए। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि एनटीए जीरो स्कोर पर भी स्टूडेंटस एडवांस देने के लिए क्वालईफाई हुए हैं। जारी रिजल्ट जिनमें सामान्य श्रेणी की कटऑफ 93.4123549, ईडब्ल्यूएस की कटऑफ 82.4164528, ओबीसी की कटऑफ 80.9232583, एससी की कटऑफ 63.9172792, एसटी की कटऑफ 52.0174712 पर्सेन्टाइल रही। वहीं दिव्यांग श्रेणी में 0.0023186 पर्सेन्टाइल पर भी स्टूडेंट एडवांस एग्जाम के लिए पात्र घोषित किए गए। यानी जीरो पर्सेंटाइल पर भी दिव्यांग केडिंडेट इस बार एडवांस के लिए पात्र हैं।

जेईई मेन रिजल्ट जारी होने के बाद कोटा में खुशियां मनाई गई, क्योंकि कोटा से टॉप टेन में स्टूडेंटस शामिल रहे
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपसर्ट अमित आहूजा ने बताया कि एनटीए की ओर से जारी किए गए आंकड़ो के अनुसार जेईई-मेन परीक्षा के दोनों सेशन मिलाकर कुल 16 लाख 04 हजार 854 कुल यूनीक कैडिंडेट रजिस्टर्ड हुए, जिनमें 15 लाख 38 हजार 468 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। 10 लाख 34 हजार 330 विद्यार्थी ऐसे रहे, जिन्होंने दोनों सेशन की परीक्षाएं दी। कुल परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में 10 लाख 6 हजार 875 छात्र एवं 5 लाख 31 हजार 593 छात्राओं ने परीक्षा दी। अमित आहूजा ने बताया कि स्टूडेंटस जिनकी एआईआर 5 हजार से कम रहेगी उन्हें टॉप 5 एनआईटी तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, जयपुर ट्रिपलआईटी इलाहाबाद की कोर ब्रांच मिलने की संभावना होगी। विद्यार्थी जिनकी आल इंडिया रैंक 5 से 10 हजार के बीच रहेगी, उन्हें टॉप 5 एनआईटी की अन्य ब्रांचों के अतिरिक्त कालीकट, सूरत, नागपुर,भोपाल,कुरूक्षेत्र, राउरकेला जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना है।

स्टूडेंटस जिनकी एआईआर 5 हजार से कम रहेगी उन्हें टॉप 5 एनआईटी तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, जयपुर ट्रिपलआईटी इलाहाबाद की कोर ब्रांच मिलने की संभावना होगी।
ऐसे विद्यार्थी जिनकी एआईआर 10 से 20 हजार के बीच आने की संभावना है, उन्हें जालंधर,जमशेदपुर, दिल्ली, गोवा,अगरतला, हमीरपुर, दुर्गापुर जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच के साथ-साथ ट्रिपलआईटी ग्वालियर, जबलपुर, गुवाहाटी,लखनऊ, पेक चंडीगढ़, बिट्स मिसरा आईआईईएसटी शिवपुर, जेएनयू, हैदराबाद यूनिवर्सिटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना रहेगी। विद्यार्थी जिनकी ऑल इंडिया रैंक 20 से 30 हजार के बीच रहती है उन्हें टॉप 10 एनआईटी की अन्य ब्रांचों के अतिरिक्त पटना, रायपुर, सिल्चर, उत्तराखंड, श्रीनगर, आंध्रप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश जैसे एनआईटी की कोर ब्रांचों के साथ-साथ नए ट्रिपलआईटी जैसे तिरछी, नागपुर, पूणे, सूरत, भोपाल, वडोदरा, , रांची, आदि मिलने की संभावनाएं बन सकती है। साथ ही 30 से 60 हजार ऑल इंडिया रैंक वाले विद्यार्थियों को टॉप 20 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अलावा अन्य ब्रांचों व नोर्थ ईस्ट के एनआईटी जैसे सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम में कोर ब्रांचों के साथ साथ नए ट्रिपलआईटी रांची, धारवाड़ ,कल्याणी, कुर्नूल, चित्तूर ,नया रायपुर, मणिपुर ऊना, कोटयम व जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावना बन सकती है। यह दी गयी एआईआर पर कॉलेज मिलने की संभावनाएं कैटेगिरी अनुसार सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, एससी-एसटी के विद्यार्थियों के लिए बदल सकती है। तीन साल बाद बदले टाई लगने से एआईआर निर्धारण के मापदण्ड आहूजा ने बताया कि विद्यार्थियों के हायर एनटीए स्कोर में टाइ लगने पर रैंक के निर्धारण में तीन साल बाद बदलाव किया है। इस साल 7 मापदण्ड निर्धारित किए गए, जिसमें अगर दो विद्यार्थियों के टोटल एनटीए स्कोर समान आते हैं तो ऑल इंडिया रैंक निर्धारण में सर्वप्रथम मैथेमेटिक्स का एनटीए स्कोर देखा जाता है। यह समान होने पर फिजिक्स, इसके बाद कैमेस्ट्री का एनटीए स्कोर, फिर सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाता है।

विद्यार्थियों के हायर एनटीए स्कोर में टाइ लगने पर रैंक के निर्धारण में तीन साल बाद बदलाव किया है। इस साल 7 मापदण्ड निर्धारित किए गए, जिसमें अगर दो विद्यार्थियों के टोटल एनटीए स्कोर समान आते हैं तो ऑल इंडिया रैंक निर्धारण में सर्वप्रथम मैथेमेटिक्स का एनटीए स्कोर देखा जाता है।
इस स्थिति में टाइ लगने पर विषयवार मैथेमेटिक्स के सही व गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात, यहां भी टाइ लगने पर फिजिक्स के सही और गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात, उसमें टाइ लगने पर कैमेस्ट्री के सही एवं गलत उत्तरों की संख्या का अनुपात देखा जाता है। उपरोक्त सभी मापदण्डों में भी टाइ लगने की स्थिति में विद्यार्थियों की समान आल इंडिया रैंक जारी कर दी गई, ऐसे में इस वर्ष कई विद्यार्थी ऐसे सामने आए, जिनका 300 में से 300 परफेक्ट स्कोर रहा और उन सभी को ऑल इंडिया रैंक-1 दी गई।
