![]()
गाजियाबाद में समाधान अभियान संस्था और इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड ने “चुप्पी तोड़; हल्ला बोल” परियोजना के तहत एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम करहेड़ा कंपोजिट विद्यालय (बीआरसी) में हुआ, जिसमें रजापुर ब्लॉक और नगर क्षेत्र के दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पोक्सो एक्ट 2012 के बारे में बच्चों और उनके अभिभावकों को सरल भाषा में जानकारी देना था। इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके माता-पिता को भी शामिल किया गया, ताकि वे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी बातों को बेहतर तरीके से समझ सकें। संस्था की संस्थापक अर्चना अग्निहोत्री ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए मॉड्यूल के माध्यम से जानकारी प्रदान की। इसके जरिए बच्चों को उनके अधिकार, सुरक्षा के तरीके और गलत व्यवहार की पहचान करना सिखाया गया। स्पेशल टीचर्स ने भी बच्चों को सरल भाषा और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि शरीर के कौन से अंग निजी होते हैं और उनकी सुरक्षा क्यों आवश्यक है। बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि वे कभी असहज महसूस करें या किसी गलत व्यवहार का सामना करें, तो उन्हें तुरंत किसी भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेनी चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैनेजर दीपा रानी, कोऑर्डिनेटर दिव्यांशु जैसवाल और स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन में सहयोग किया। इसके अतिरिक्त, नगर क्षेत्र और रजापुर ब्लॉक के सभी स्पेशल एजुकेटर्स भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और इसे बच्चों की सुरक्षा तथा जागरूकता के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
गाजियाबाद में पोक्सो एक्ट पर बच्चों की कार्यशाला:दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों व अभिभावकों को दी जानकारी
Leave a comment