विधायक संदीप जाखड़ ने अबोहर मंडी का किया दौरा:गेहूं की धीमी लिफ्टिंग पर सरकार को घेरा, बोले-“सुचारू खरीद” के दावे फेल

Actionpunjab
5 Min Read




अबोहर में स्थानीय विधायक संदीप जाखड़ ने आज नई अनाज मंडी का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं और प्रदेश सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया। जाखड़ ने कहा कि मंडियों की यह दुर्दशा सरकार की नीतिगत खामियों का परिणाम है। विधायक ने मंडी में गेहूं की बोरियों के ढेर दिखाते हुए कहा कि अभी खरीद सीजन अपनी चरम सीमा पर नहीं पहुंचा है। वर्तमान में मंडी में केवल 40 प्रतिशत फसल ही आई है, लेकिन लिफ्टिंग की प्रक्रिया बेहद धीमी है। मंडी परिसर गेहूं की बोरियों से भरा पड़ा है। सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों में “सुचारू खरीद” के दावे करती थी धीमी लिफ्टिंग के कारण नई फसल लेकर आने वाले किसानों को अपनी ट्रॉलियां खड़ी करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाखड़ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों में “सुचारू खरीद” के दावे करती थी, वह आज एक बोरी उठाने के लिए भी ठेकेदारों के आगे बेबस नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास न तो कोई दूरदर्शिता है और न ही किसानों के लिए कोई ठोस नीति। मंडी में पैदल चलने तक की जगह नहीं बची विधायक ने दौरे के दौरान एक बेहद गंभीर सुरक्षा चूक की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि मंडी में बोरियों का अंबार इस कदर लग चुका है कि पैदल चलने तक की जगह नहीं बची है। जाखड़ ने आक्रोश जताते हुए कहा, “अगर इस भीषण गर्मी और सूखी फसल के बीच मंडी में कहीं आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर प्रवेश तक नहीं कर पाएगी।” रास्तों पर अवैध कब्जे और बोरियों की बेतरतीब स्टैकिंग ने मंडी को एक ‘मौत के जाल’ में तब्दील कर दिया है। करोड़ों की फसल और सैकड़ों किसानों की जान जोखिम में उन्होंने कहा कि सरकार की इस लापरवाही के कारण हजारों करोड़ों की फसल और सैकड़ों किसानों की जान जोखिम में है। क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? लिफ्टिंग का प्रबंध न होना सीधे तौर पर प्रशासन की मिलीभगत और सरकारी तंत्र की सुस्ती को दर्शाता है। ​​सरकार की आलोचना करते हुए संदीप जाखड़ ने कहा कि किसान साल भर खून-पसीना एक करके फसल उगाता है, लेकिन जब उसे उसकी मेहनत का फल मिलने का समय आता है, तो उसे मंडियों में धक्के खाने पर मजबूर कर दिया जाता है। किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे विधायक ने लिफ्टिंग न होने के कारण पेमेंट में भी देरी हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का चक्र पूरी तरह से डगमगा गया है। आढ़ती और मजदूर भी इस अव्यवस्था के कारण त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। सरकार ने बारदाना देने और समय पर फसल उठाने के जो वादे किए थे, वे केवल कागजी शेर साबित हुए हैं। धरातल पर किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार केवल सोशल मीडिया और प्रचार तक सीमित ​विधायक ने अंत में सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग एसी कमरों से बाहर निकलकर मंडियों की धूल फांकें, तब उन्हें पता चलेगा कि जमीनी हकीकत क्या है। यह सरकार केवल सोशल मीडिया और प्रचार तक सीमित रह गई है। यदि अगले 24 घंटों के भीतर लिफ्टिंग की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई गई और मंडियों के रास्ते साफ नहीं किए गए, तो किसान चुप नहीं बैठेगा। सरकार की इस नाकामी के खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज उठाई जाएगी। विधायक संदीप जाखड़ ने साफ किया कि वे किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और सरकार की इस तानाशाही और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *