भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई।
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है, इसमें 6 पंजाब से हैं। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इसके बाद वह भाजपा कार्यालय प
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राघव ने बताया कि राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक कुमार मित्तल के अलावा हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे।
राघव ने बताया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने यह फैसला लिया। इसलिए दलबदल कानून लगने का कोई मतलब नहीं है। राघव चड्ढा ने कहा पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं।
उधर, सीएम भगवंत मान ने कहा कि राघव का यहां दम घुटने लग गया। साइकिल का भी स्टैंड होता है। कहीं तो खड़े हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे। अशोक मित्तल के यहां ईडी का एक छापा था। यह मेले वाले अमरूद बनकर रह गए हैं। इन्हें कौन पूछेगा।

राघव की 3 बड़ी बातें…
- राघव ने कहा कि पिछले कुछ सालों से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं। इसलिए आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं AAP से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं।
- राघव चड्ढा ने कहा- राजनीति में आने से पहले, मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) था। इस मंच पर मेरे साथ अलग-अलग क्षेत्रों के लोग थे। कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। आज, AAP छोड़ने वालों में एक विश्वस्तरीय क्रिकेटर, एक पद्मश्री विजेता और कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इन सभी लोगों ने अपना सब कुछ त्यागकर, एक भ्रष्टाचार-मुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ एकजुट होकर इस पार्टी की स्थापना की थी।
- राघव ने कहा- अभी और भी हैं जो साथ आएंगे। भारत का संविधान यह प्रोवीजन देता है, कि अगर 2/3 से ज्यादा सांसद किसी दूसरी पार्टी में जाना चाहें तो वे ऐसा कर सकते हैं। यह अधिकार हमें भारत के संविधान ने ही दिया है।

सीएम भगवंत मान ने कहा कि राघव चड्ढा का यहां दम घुटने लग गया था।
सीएम मान की 4 बड़ी बातें…
- सीएम भगवंत मान ने कहा कि मैं पहले भी कहता रहा हूं कि BJP की पंजाबियों से बनती नहीं है, जिससे पंजाबी खुश होते हैं, उसे यह खराब करने की कोशिश करती है। जब हमारी सरकार बनी तो हमारा आरडीएफ का पैसा रोका गया।
- उन्होंने कहा कि पार्टी बड़ी होती है, संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति नहीं। ये छह-सात लोग जो गए हैं, वे पंजाबियों के साथ गद्दारी करके गए है। यहां बैठे-बैठे इन्हें पद मिल गए , इन्हें किसी से वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ी। अब ये अपनी राजनीति नहीं, जान बचाने के लिए वहां गए हैं, लेकिन वहां भी इनका कुछ नहीं होना है।
- सीएम ने कहा कि मैं ईडी वालों से कहता हूं कि भगवंत मान के घर पर छापा मारो। संजय सिंह के घर पर रेड की थी। क्या मिला है। आओ दम है तो भगवंत मान को खरीद कर दिखाओ। वह करेंसी अभी बनी नहीं, जिससे मान को खरीदा जा सके।
- उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा का यहां दम घुटने लग गया। जब 50 नंबर कोठी में थे, तो वहां पर बड़ी खुली हवा आती थी। साइकिल का भी स्टैंड होता है। कहीं तो खडे हो जाओ। वैसे तो यह सरपंच बनने लायक नहीं थे।

2024 के लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं।
- गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर)
- राजकुमार चब्बेवाल (होशियारपुर)
- मालविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब)

राघव ने 2 साल पहले दिए थे अलगाव के संकेत
- 21 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले जब शराब घोटाले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। तब राघव ने न कुछ बोला, न सोशल मीडिया पर कुछ लिखा।
- फरवरी-2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो AAP को करारी हार मिली। पार्टी को सिर्फ 22 सीटें मिलीं जबकि BJP ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई। तब भी राघव चुप्पी साधे रहे। AAP के किसी कार्यक्रम में नहीं दिखे।
- 2025 की शुरुआत में ही राघव के सोशल मीडिया अकाउंट से AAP का बैनर और चुनाव निशान हटने लगे। AAP के अंदर चर्चा होने लगी कि राघव पार्टी के बजाय पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस कर रहे हैं। वह न पार्टी दफ्तर आते हैं, न किसी नेता से मिलते हैं।
- 27 फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित बाकी आरोपियों को शराब घोटाले में CBI के मामले से बरी कर दिया। AAP ने इस का जश्न मनाया, लेकिन राघव नदारद रहे।
- अमेरिका-ईरान जंग छिड़ने के बाद राघव चड्ढा ने पार्टीलाइन पर संसद में बोलने से इनकार कर दिया। हाल में जब पार्टी व्हिप के तहत AAP सांसदों ने वॉकआउट किया, तब राघव सदन में ही मौजूद रहे।
राघव के साथ पार्टी छोड़ने वाले 7 सांसदों के बारे में जानिए…







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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 35 बड़े नेता इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले प्रमुख चेहरों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…