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उदयपुर में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। पिछले दो दिनों से उदयपुर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा है। गर्मी का असर ऐसा है कि दिन में आसमान से चिलचिलाती धूप के बीच आग बरस रही है। तापमान बढ़ने के साथ ही दिन में आग की घटनाएं शुरू हो गई है। इधर, गर्मी का असर शहर में इस कदर है कि 12 बजे बाद ही लोगों के कदम रुक गए है। ओल्ड सिटी के जगदीश मार्ग, सिटी पैलेस मार्ग, गणगौर घाट मार्ग से लेकर घंटाघर की तरफ टूरिस्ट की आवाजाही दिन के समय नहीं के बराबर थी। जगदीश मंदिर में भगवान के दर्शन करने जरूर भक्त 1 बजे तक थे और उसके बाद सड़कों पर आवाजाही ही कम थी। तापमान 42 डिग्री पहुंचते ही वन क्षेत्रों में आग की घटनाएं फिर बढ़ने लगी हैं। सोमवार देर शाम गोवर्धन सागर तालाब के पीछे बलीचा पहाड़ी पर भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने करीब 15 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र को खाक कर दिया। आग से सूखी घास जलकर राख हो गई। मौके पर नगर निगम की दमकल की गाड़ियां भी पहुंची और वनकर्मी भी आग बुझाने में लगे रहे। ये आग दिन से लगी थी और शाम बाद तेज हवा से फैल गई थी। सोमवार की देर रात जाकर आग पर कंट्रोल हुआ। उदयपुर में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। 26 और 27 अप्रैल 2026 के तापमान आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों दिनों में अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय तेज गर्मी में कोई राहत नहीं मिल रही है। हालांकि न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। 26 अप्रैल को यह 25.7 डिग्री था, जो 27 अप्रैल को बढ़कर 25.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। यानि रात के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज हुई है, जिससे रातें भी थोड़ी गर्म महसूस हो रही हैं। गर्मी के असर को देखते हुए ऋतु के अनुसार भगवान को नोका विहार का आयोजन किया गया। इस्कॉन जगन्नाथ मन्दिर की ओर से उदयपुर के गगूंकुण्ड सरोवर मे राधा माधव भगवान की नोका विहार में भक्तों की भीड़ रही। मन्दिर अध्यक्ष मायापुर वासी दास ने बताया कि प्रारम्भ मे भगवान को गाजे बाजे आतिशबाजी फूलो की वर्षा करते हुए पालकी मे लाकर नोका मे विराजमान कर भव्य श्रृंगार कर आरती की गई। मन्दिर के ब्रह्मचारी वैष्णव पुजारी अपने हाथो से नोका की पतवार चलाकर भ्रमण कराया।
चिलचिलाती गर्मी के बीच बलीचा के पास आग की गर्मी:दो दिन से तापमान 42 डिग्री, न्यूनतम तापमान बढ़ने से रातें भी थोड़ी गर्म हुई, भगवान को नौका विहार कराया
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