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जिले के विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट) ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ यौन शोषण करने के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 1,60,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। घटना का विवरण मामला वर्ष 2024 का है, जब सिंघाना थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की (घटना के समय उम्र 16 वर्ष) अचानक लापता हो गई थी। पीड़िता के पिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री घर पर नहीं मिली और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। जांच के दौरान सामने आया कि दोषी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर और बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह पीड़िता को चूरू और फिर जयपुर ले गया, जहां उसने एक मंदिर में जबरन शादी का ढोंग रचाया। बंधक बनाकर किया गया अत्याचार पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि दोषी ने उसे जयपुर के एक मकान में बंद रखा और लगातार प्रताड़ित किया। इस दौरान दोषी ने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उसके साथ बार-बार गलत काम (दुष्कर्म) किया। इस शारीरिक शोषण के परिणामस्वरूप पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जो इस अपराध की गंभीरता को और अधिक स्पष्ट करता है। कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्य पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से जांच की और न्यायालय में आरोप पत्र (Charge Sheet) पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। 33 महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। राज्य सरकार की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाम्बू द्वारा की गई, जिन्होंने मजबूती से पीड़िता का पक्ष रखा।
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर:पोक्सो न्यायालय ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, 1,60,000 रुपए का लगाया जुर्माना
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