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हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर सुबह 4 बजे से लेकर अब तक 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हरि की पैड़ी पर गंगा स्नान किया है। सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और यह सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है। जिला प्रशासन के मुताबिक, शाम तक 12 लाख लोगों के गंगा स्नान करने का अनुमान है। हरिद्वार के SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि भीड़ को देखते हुए हरि पैड़ी के आसपास 3 कंपनी पैरामिलिट्री SSB और CO रैंक के अफसरों को तैनात किया गया है। हमने भीड़ को देखते हुए और फोर्स की मांग की है। अगर हरि पैड़ी पर दबाव बढ़ता है तो ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया जाएगा। हरकी पैड़ी की PHOTOS… ‘दो साल पहले न्नत मांगकर गए थे, पूरी हुई’ हरियाणा के जींद से आए श्रद्धालु दिले सिंह यादव ने बताया कि वे करीब दो साल पहले यहां एक मन्नत मांगकर गए थे, जो मां गंगा के आशीर्वाद से पूरी हो गई है। इसी कृतज्ञता भाव के साथ वे अपने परिवार सहित फिर से गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए यहां पहुंचे हैं। पानीपत से पवन शर्मा ने कहा कि आए आज के दिन स्नान करने से पितरों और देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और व्यक्ति को मोक्ष (स्वर्ग) मिलता है। नैनीताल से आए करण ने कहा कि आज के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इससे मोक्ष मिलता है और भगवान बुद्ध के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्हें गंगा स्नान के बाद मन को बहुत शांति मिली। ‘भगवान विष्णु के नौवें अवतार भगवान बुद्ध का हुआ था जन्म’ स्थानीय विद्वान पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन पवित्र गंगा में स्नान करने से मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु का विशेष सानिध्य गंगाजल में होता है, जिससे स्नान का महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालु स्नान के बाद दान, तर्पण और पूजा-अर्चना कर अपने जीवन को धन्य मान रहे हैं। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान विष्णु के नौवें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इसी दिन उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ और इसी दिन उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज ही के दिन भगवान कृष्ण ने सुदामा को विनायक उपवास रखने का महत्व बताया था। बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान और पूजन से असीम पुण्य का लाभ मिलता है। ड्रोन कैमरों से रखी जा रही नजर पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार, वैशाख मास भगवान श्री हरि को समर्पित होता है और इसका समापन बुद्ध पूर्णिमा पर होता है। इस दिन स्नान के साथ-साथ पितृ तर्पण और दान का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को स्नान के बाद ब्राह्मणों को मौसमी फल, अन्न, वस्त्र और धार्मिक ग्रंथों का दान करना चाहिए, जिससे उन्हें कई गुना फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन कैमरे और कंट्रोल रूम के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान और डाइवर्जन लागू किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
बुद्ध पूर्णिमा पर 3 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी:हरि की पैड़ी पर सुबह से भीड़; प्रशासन बोला- शाम तक 12 लाख लोग गंगा स्नान करेंगे
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