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बाराबंकी के मैलारेगंज स्थित मदरसा इस्लामिया स्कूल का एक 14 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दो कर्मचारियों को बायोमेट्रिक मशीन पर प्लास्टिक कार्ड स्कैन करते देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसके जरिए गैरहाजिर शिक्षकों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही थी। हालांकि, मदरसा प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो नियमित उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया का नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक सिस्टम की तकनीकी जांच और टेस्टिंग के दौरान का है। मदरसा प्रशासन के मोहम्मद वकास ने बताया कि कुछ समय पहले मशीन में तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं और कई बार गलत रीडिंग भी सामने आई थी। इसके बाद लखनऊ से इंजीनियर बुलाकर सिस्टम को ठीक कराया गया था। मरम्मत के बाद मशीन की कार्यक्षमता जांचने के लिए एक साथ कई कार्ड स्कैन किए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सिस्टम सही तरीके से डेटा रिकॉर्ड कर रहा है या नहीं। यह प्रक्रिया नियमित हाजिरी से अलग एक तकनीकी जांच थी। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, बायोमेट्रिक या कार्ड-आधारित अटेंडेंस सिस्टम में पहले सभी उपयोगकर्ताओं का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होता है। मशीन की कार्यप्रणाली जांचने के लिए टेस्टिंग के दौरान एक साथ कई कार्ड स्कैन कर उसकी गति, स्थिरता और रिकॉर्डिंग पैटर्न की जांच की जाती है। मदरसा प्रशासन मोहम्मद वकास स्पष्ट किया है कि संस्थान में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित की जाती है। उनके मुताबिक, वायरल वीडियो को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है, जिससे गलतफहमी फैल रही है।
मदरसा इस्लामिया में अटेंडेंस का VIDEO:फर्जी हाजिरी लगाने का लोगों ने किया दावा, प्रशासन बोला- मशीन टेस्टिंग के दौरान का फुटेज
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