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जिले के वन विभाग के लिए इस बार की वैशाख पूर्णिमा खुशियों की सौगात लेकर आई है। जिले के उदयपुरवाटी और खेतड़ी कंजर्वेशन रिजर्व में हुई ताजा वन्यजीव गणना के प्रारंभिक आंकड़े बेहद सुखद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में पैंथर्स (तेंदुओं) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस क्षेत्र के बेहतर होते पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की ओर इशारा करती है। पैंथर्स का बढ़ा कुनबा, 15 से बढ़कर हुई 21 वन विभाग द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस बार गणना के दौरान जिले में कुल 21 पैंथर देखे गए हैं। पिछले वर्ष यह आंकड़ा महज 15 था। उदयपुरवाटी (मनसा माता क्षेत्र) में सबसे अधिक 12 पैंथर दिखाई दिए। खेतड़ी क्षेत्र के जंगलों में 9 पैंथर्स की मौजूदगी दर्ज की गई। महज एक साल के भीतर 6 नए पैंथर्स का बढ़ना वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों के अनुकूल होते वातावरण बेहतर है। देखिए वन विभाग द्वारा खींची गई फोटोज गणना की नई रणनीति और सुरक्षा घेरा इस बार विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए गणना का समय बदला था। आमतौर पर सुबह से शुरू होने वाली यह प्रक्रिया इस बार शुक्रवार शाम 5 बजे से शनिवार शाम 5 बजे तक चली। 69 वाटर पॉइंट्स पर हुईं काउंटिंग जिले की पांचों फॉरेस्ट रेंज में पानी के सोतों पर नजर रखी गई। गणना के लिए 143 वनकर्मियों और सुरक्षा समिति के सदस्यों को तैनात किया गया था। साथ ही, सटीक डेटा के लिए 33 ट्रैप कैमरों (खेतड़ी में 15 और उदयपुरवाटी में 18) की मदद ली गई। क्षेत्रवार वन्यजीवों की संख्या 1. खेतड़ी रेंज: सियारों का दबदबा रेंजर पवन सिंह के अनुसार, खेतड़ी में कुल 8,730 वन्यजीव दर्ज किए गए। यहाँ सियारों की संख्या ने सबको हैरान किया है। वन्यजीव संख्या वन्यजीव संख्या सियार 1157 नीलगाय 2129 चिंकारा 251 काला तीतर 1674 जरख 58 जंगली बिल्ली 120 मोर 2318 लोमड़ी 261
उदयपुरवाटी रेंज में 3,753 जीव नजर आए रेंजर धर्मवीर मील ने बताया कि मनसा माता और आस-पास के 18 पॉइंट्स पर कुल 3,753 जीव नजर आए। खास प्रजातियों की 15 दुर्लभ ‘सियागोश’ (Caracal) और 53 भेड़िए भी दिखाई दिए। 831 लंगूर, 533 नीलगाय और 169 छोटे बिज्जू रिपोर्ट किए गए।
झुंझुनूं के जंगलों में गूंजी दहाड़:उदयपुरवाटी और खेतड़ी में पैंथर्स का कुनबा बढ़ा, पिछले साल के मुकाबले 6 अधिक पैंथर आए नजर,खेतड़ी क्षेत्र में सियार और नीलगाय के आंकड़ों चौकाया
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