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मुंबई में तरबूज खाने से हुई एक मौत और चंडीगढ़ PGI में बढ़ते पेट दर्द व उल्टी-दस्त के मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। विभाग ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से तरबूज के सैंपल लेकर जांच की थी, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट आ गई है। राहत की बात यह है कि शुरुआती जांच में तरबूज सुरक्षित पाए गए हैं। 3 बड़ी बाते जो जानना जरूरी 1. शुरुआती टेस्ट नेगेटिव फूड सेफ्टी विभाग ने तरबूज में हानिकारक बैक्टीरिया (जैसे ई-कोलाई और साल्मोनेला) और मिलावटी रंगों की जांच की थी। लैब रिपोर्ट में फिलहाल कुछ भी गलत नहीं मिला है। 2. स्टेट लैब की रिपोर्ट का इंतजार विभाग का कहना है कि यह उनकी अपनी लैब की रिपोर्ट है। पुख्ता रिपोर्ट के लिए सैंपल स्टेट लैब भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आएगी। तब तक क्लीन चिट को फाइनल नहीं माना जा सकता। 3. PGI में बढ़े मरीज पिछले कुछ दिनों में PGI में ऐसे मरीजों की तादाद बढ़ी है जिन्हें तरबूज खाने के बाद उल्टी, जी मिचलाना और दस्त की शिकायत हुई। इसी वजह से विभाग ने पहली बार रूटीन जांच के बजाय एडवांस बैक्टीरिया टेस्ट किए हैं। फल में मिलावट न भी हो, तो भी पड़ सकते हैं बीमार फूड सेफ्टी ऑफिसर सुखविंदर सिंह का कहना है कि जरूरी नहीं कि फल के अंदर ही जहर या मिलावट हो। कई बार इन वजहों से भी तरबूज खतरनाक हो जाता है -खेत में सिंचाई या फल को धोने के लिए इस्तेमाल किया गया गंदा पानी। -ट्रांसपोर्ट या स्टोरेज के दौरान गंदगी की वजह से बैक्टीरिया का पनपना। -रेहड़ी-फड़ी पर काफी देर से कटकर रखे तरबूज पर मक्खियां बैठने से इन्फेक्शन का खतरा।
चंडीगढ़ में तरबूज खाने से फिलहाल कोई खतरा नहीं:अभी क्लीन चिट पक्की नहीं, शुरुआती रिपोर्ट में तरबूज सुरक्षित मिले
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