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मानसा में सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली के विरोध में किसानों ने डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसानों का आरोप है कि उन्होंने अपनी कर्ज लिमिट का ब्याज समय पर जमा करवा दिया है, लेकिन इसके बावजूद बैंक उन्हें अगली फसल की बुवाई के लिए आवश्यक राशि जारी नहीं कर रहे हैं। इस कारण किसानों को खाद और बीज खरीदने में भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। BKU (उगराहां) के नेतृत्व में दी गई चेतावनी इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेता राम सिंह और महिंदर सिंह ने किया। किसान नेताओं ने बताया कि सरकार ने कर्ज सीमा को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹39,000 कर दिया है, लेकिन इस बढ़ी हुई सीमा का लाभ जमीनी स्तर पर किसानों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही राशि जारी नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में बैंक अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। सोसाइटी इंस्पेक्टर्स ने भी दिया किसानों का साथ इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि किसानों की मांगों को सोसाइटी इंस्पेक्टर्स का भी समर्थन मिला। इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह ने धरने में पहुंचकर कहा कि बैंकों की इस नीति के कारण न केवल किसान, बल्कि विभागीय कर्मचारी भी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इंस्पेक्टर्स भी किसानों के संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देंगे। संघर्ष तेज करने का अल्टीमेटम किसानों ने इस धरने को फिलहाल ‘सांकेतिक’ बताया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अगली फसल की बुवाई के समय को लेकर चिंतित हैं और यदि प्रशासन ने तुरंत दखल देकर बैंकों से राशि जारी नहीं करवाई, तो यह आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप धारण कर सकता है।
सहकारी बैंकों से राशि न मिलने पर किसानों का प्रदर्शन:मानसा में डीसी कार्यालय के बाहर धरना, संघर्ष तेज करने की चेतावनी
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