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राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत डूंगरपुर जिले की चितरी थाना पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के करोड़ों रुपए के लेनदेन के लिए किया जाता था। गिरफ्तार आरोपी पर पुलिस ने 1000 रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था। मामले में अब तक करीब 50 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आ चुके हैं। साइबर सेल की सूचना से खुला बड़ा नेटवर्क चितरी थाने के सीआई रतनलाल जटिया ने बताया कि 18 अप्रैल को साइबर सेल से बैंक ऑफ महाराष्ट्र, डूंगरपुर के एक संदिग्ध बैंक खाते की सूचना मिली थी। जांच शुरू करने पर पता चला कि यह खाता भेमई निवासी भरतलाल नाई के नाम पर संचालित हो रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस खाते के खिलाफ जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों से कुल 14 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। खाते के जरिए लगभग 50 लाख रुपए का लेनदेन किया गया था, जिसे साइबर ठगी से जुड़ा माना जा रहा है। 5 हजार रुपए के लालच में खुलवाए गए बैंक खाते पुलिस ने सबसे पहले खाताधारक भरतलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने बताया कि बांसिया निवासी महावीर सिंह ने उसे हर महीने 5 हजार रुपए किराया देने का लालच दिया था। इसके बदले उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया। भरतलाल ने पुलिस को बताया कि खाता खुलने के बाद महावीर सिंह ने उसकी पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे। बाद में ये सभी दस्तावेज और बैंकिंग सामग्री गिरोह के मुख्य सरगना घनश्याम कलाल को सौंप दी गई थी। ‘म्यूल अकाउंट’ बनाकर देशभर में ठगी का खेल जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ऐसे बैंक खातों को “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल करता था। साइबर ठगी से वसूली गई रकम पहले इन खातों में ट्रांसफर की जाती थी और फिर अलग-अलग माध्यमों से रकम निकाल ली जाती थी, ताकि असली अपराधियों तक पुलिस आसानी से नहीं पहुंच सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें मामूली पैसों का लालच देकर उनके दस्तावेज इस्तेमाल किए जाते थे। तकनीकी इनपुट के आधार पर हुई गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डूंगरपुर के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी इनपुट और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर उदयपुर, डूंगरपुर और गुजरात के विभिन्न शहरों में लगातार दबिश दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी महावीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर एसपी डूंगरपुर की ओर से 1000 रुपए का इनाम घोषित था। मुख्य सरगना अब भी फरार फिलहाल पुलिस आरोपी महावीर सिंह से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा साइबर ठगी का नेटवर्क कितने राज्यों तक फैला हुआ है। वहीं, गिरोह का मुख्य सरगना घनश्याम कलाल अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
50 लाख की साइबर ठगी से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार:ऑपरेशन ‘म्यूल हंटर’ में बड़ी कामयाबी, ग्रामीणों के खातों से चलता था ठगी का खेल
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