![]()
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जुलाना तहसील कार्यालय में कथित भ्रष्टाचार और कर्मचारियों की कार्यशैली के विरोध में एसडीएम होशियार सिंह को ज्ञापन सौंपा। यूनियन नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। भाकियू के जिला प्रधान नरेंद्र ढांडा के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। किसानों ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में आम लोगों और किसानों के कार्य बिना रिश्वत के पूरे नहीं होते। हर कार्य के लिए लोगों से से मांगे जाते हैं रुपए : ढांडा नरेंद्र ढांडा ने बताया कि किसी भी प्रकार के दस्तावेज, इंतकाल, रजिस्ट्री या अन्य कार्य करवाने के लिए लोगों से पैसे मांगे जाते हैं। रिश्वत देने के बाद ही काम को आगे बढ़ाया जाता है। किसानों ने यह भी शिकायत की कि तहसील कार्यालय में कर्मचारी और अधिकारी समय पर अपनी सीटों पर नहीं मिलते, जिससे किसानों को सुबह से शाम तक चक्कर काटने पड़ते हैं। छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें कई दिनों तक परेशान होना पड़ता है। भाकियू नेताओं ने जोर देकर कहा कि तहसील कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहन जांच की जाए और इसमें शामिल सभी दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जुलाना में भाकियू नेताओं ने की एसडीएम से मुलाकात:तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप, ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग
Leave a comment