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बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के स्थाई और अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों के लिए भूसा संग्रहण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बेसहारा पशुओं के भरण-पोषण के लिए भूसे का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आम जनता और किसानों से भी अपील की कि वे गोसेवा के लिए स्वेच्छा से अधिक से अधिक भूसा दान करें। बारिश से बचाव के कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देशित किया कि संग्रहित किए गए भूसे को ऐसे सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए, जहां बारिश का पानी न पहुंच सके। उन्होंने लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि नमी के कारण भूसा खराब नहीं होना चाहिए, अन्यथा पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो सकता है। नोडल अधिकारी करेंगे केंद्रों की निगरानी
व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। ये अधिकारी और बीडीओ समय-समय पर भूसा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही भूसा दान के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है ताकि लोग जागरूक होकर इस मुहिम का हिस्सा बनें। चारागाहों में उगाई जाएगी नेपियर घास
बैठक के दौरान डीएम ने खाली पड़ी चारागाह की जमीनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर जमीन उपलब्ध है, वहां हरा चारा और नेपियर घास उगाई जाए ताकि पशुओं को पौष्टिक आहार मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, एडीएम सिटी सौरभ दुबे और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन पांडे समेत सभी एसडीएम मौजूद रहे।
डीएम बोले-गोवंश के लिए अधिक से अधिक भूसा दान करें:बारिश से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए संग्रहित भूसा, चारागाहों में उगाएं नेपियर घास
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