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एटा में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में बुधवार को राष्ट्रव्यापी भारत बंद का व्यापक असर दिखा। जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे दवा कारोबारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एटा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में केमिस्ट कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद सिंह को सौंपा, जिसमें ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।एटा केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोशिएशन संगठन के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि देश में तेजी से बढ़ रही ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था छोटे दवा व्यापारियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह ने बताया कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर बिना उचित सत्यापन के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। इससे न केवल स्थानीय मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि जनस्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। बाजार का संतुलन बिगड़ रहा उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट (डीप डिस्काउंट) देकर दवाएं बेच रहे हैं, जिससे बाजार का संतुलन बिगड़ रहा है और छोटे दवा विक्रेता आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। केमिस्टों ने यह आशंका भी जताई कि बिना चिकित्सकीय निगरानी के दवाओं की उपलब्धता एंटीबायोटिक के दुरुपयोग और नशीली दवाओं के गलत इस्तेमाल जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है। ज्ञापन में दवा विक्रेताओं ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू करने और अवैध ई-फार्मेसी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। भारत बंद के कारण एटा शहर के मेडिकल स्टोरों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुछ आवश्यक सेवाओं को सीमित रूप से संचालित किया गया। दवा कारोबारियों ने इसे अपने अस्तित्व और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की लड़ाई बताते हुए सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में एटा में बंद:केमिस्टों ने सौंपा ज्ञापन, ई-फार्मेसी पर रोक लगाने और सख्त नियम बनाने की मांग
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