गुरुग्राम समेत दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल:ग्रीन टैक्स का विरोध, महंगाई के हिसाब से किराया तय करने की मांग, कारोबार प्रभावित होगा

Actionpunjab
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गुरुग्राम समेत पूरे दिल्ली- एनसीआर में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर आज (गुरुवार) से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। इस हड़ताल का सबसे व्यापक और सीधा असर गुरुग्राम में भी देखने को मिल रहा है। हड़ताल के पहले ही दिन गुरुग्राम से दिल्ली जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों और ट्रकों की संख्या कम हो गई है। जिससे गुरुग्राम उद्योगों में करोड़ों का काम अटक गया है। ट्रांसपोर्ट संघों ने साफ किया कि 21 मई की सुबह से लेकर 23 मई की रात तक माल ढुलाई से जुड़ी कोई भी छोटी या बड़ी गाड़ी दिल्ली की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के पदाधिकारियों का कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा लगातार कमर्शियल वाहनों पर नए-नए प्रतिबंध थोपे जा रहे हैं और ग्रीन टैक्स के नाम पर भारी वसूली की जा रही है। इससे ट्रांसपोर्ट उद्योग पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिसके चलते उन्हें मजबूरन इस सांकेतिक हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा। गुरुग्राम में करोड़ों का बिजनेस ब्लॉक बता दें कि, गुरुग्राम एक बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब है। यहां सैकड़ों बड़ी ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां स्थित हैं, जो अपने माल की सप्लाई के लिए पूरी तरह से ट्रकों और कॉमर्शियल वाहनों पर निर्भर हैं। ट्रांसपोर्टरों की इस तीन दिवसीय हड़ताल के कारण उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है। व्यापारिक विशेषज्ञों के अनुसार, केवल गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में ही इस हड़ताल की वजह से प्रतिदिन करोड़ों रुपए का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। यदि यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो दिल्ली-एनसीआर में आवश्यक वस्तुओं जैसे फल, सब्जियां, दूध और दवाओं की किल्लत भी हो सकती है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। ट्रांसपोर्टर कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन हड़ताल के मद्देनजर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर और घिटोरनी बॉर्डर जैसे प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी असामाजिक तत्व को कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर, ट्रांसपोर्टरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी गाड़ियां खड़ी कर विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद भी दिल्ली सरकार ने बढ़े हुए टैक्स और प्रतिबंधों को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल में बदल दिया जाएगा।

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