Jhunjhunu Gandhi Chowk Traffic Solved; Vendors Livelihood Crisis; Market Mixed Reaction 2026

Actionpunjab
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शहर का सबसे व्यस्त रहने वाला गांधी चौक बिल्कुल बदले हुए रूप में नजर आ रहा है। यातायात पुलिस की कड़ाई के बाद वर्षों से सड़कों पर काबिज अस्थाई रेहड़ी-ठेलों को यहां से पूरी तरह हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद जहां एक तरफ सालों से जाम से जूझ

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​खुलकर दिखीं सड़कें, पार्किंग की समस्या से मिल सकती है राहत

​गांधी चौक में लंबे समय से पार्किंग और जाम सबसे बड़ी मुसीबत बने हुए थे। बाजार में खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों को गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिलती थी, जिससे सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने से लंबा जाम लग जाता था और पुलिस चालान काट देती थी। रेहड़ी-ठेले हटने से अब सड़क किनारे जगह खाली हो गई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि पार्किंग सुविधा बेहतर होने से ग्राहक दोबारा बाजार का रुख करेंगे, जिससे धंधा बढ़ेगा। हालांकि, कुछ व्यापारियों का मानना है कि इन ठेलों के हटने से बाजार की वो पुरानी रौनक और चहल-पहल गायब हो गई है, जिसका सीधा असर बाकी दुकानों की ग्राहकी पर भी पड़ सकता है।

रेहडिया हटाने के बाद गांधी चौक का नजारा

रेहडिया हटाने के बाद गांधी चौक का नजारा

​क्या बोले स्थानीय लोग और दुकानदार

​इस पूरी कार्रवाई और नई व्यवस्था पर दैनिक भास्कर ने जब गांधी चौक के स्थाई दुकानदारों और स्थानीय लोगों से बात की, तो उन्होंने अपनी राय कुछ इस तरह रखी।

​मुकेश शर्मा (स्थाई दुकानदार):

पुलिस का यह फैसला बिल्कुल गलत है। अगर इन्हें हटाना ही था, तो पहले यहां लगाने ही क्यों दिया? जो लोग पिछले 40-50 सालों से यहां अपनी रेहड़ी लगाकर परिवार पाल रहे थे, उन्हें अचानक हटाकर बेरोजगार कर दिया गया है।

​सूर्यकांत (स्थानीय निवासी/दुकानदार)

ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिहाज से पुलिस का यह कदम बिल्कुल सही है। जाम से मुक्ति जरूरी थी, लेकिन इसके साथ ही प्रशासन को उन गरीब ठेला चालकों के लिए भी कोई स्थाई जगह तय करनी चाहिए ताकि उनका रोजगार न छिने।

स्थानीय दुकानदारों से दैनिक भास्कर ने बात की तो उन्होंने अपनी राय में कहा की ट्रैफिक व्यवस्था के हिसाब से ठीक है लेकिन जिनकी दुकानें हटाई का भी तो इन्तेजाम किया जाये

स्थानीय दुकानदारों से दैनिक भास्कर ने बात की तो उन्होंने अपनी राय में कहा की ट्रैफिक व्यवस्था के हिसाब से ठीक है लेकिन जिनकी दुकानें हटाई का भी तो इन्तेजाम किया जाये

​नवीन (स्थानीय निवासी)

मैं बचपन से देख रहा हूं कि यहां सालों से फूल बेचने वाले और अन्य ठेले वाले बैठते थे। वे इस बाजार की पहचान बन चुके थे। अब उनके पुराने ग्राहक यहां नहीं आएंगे, तो आसपास की दूसरी दुकानों के काम-काज पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, यह भी सच है कि पहली बार गांधी चौक इतना खुला-खुला और व्यवस्थित नजर आ रहा है जो दिखने में अच्छा लग रहा है।

​बाजार की मांग: टैक्सियों के लिए बने स्थाई स्टैंड

​व्यापारियों और आम जनता ने प्रशासन के सामने एक और बड़ी मांग रखी है। उनका कहना है कि गांधी चौक को पूरी तरह जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए केवल ठेले हटाना काफी नहीं है। यहां आने-जाने वाली टैक्सियों के लिए भी एक ‘स्थाई टैक्सी स्टैंड’ तय किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि यातायात व्यवस्था हमेशा के लिए सुचारु बनी रहे।

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