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झज्जर मई महीने में गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। शनिवार को झज्जर जिले में तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय बाजार और सड़कें लगभग सूनी नजर आईं, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी सिर और चेहरे को कपड़े से ढककर निकलते दिखाई दिए। भीषण गर्मी के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। तपती धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर गर्मी बढ़ने के साथ अस्पतालों में बुखार, डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और उल्टी-दस्त जैसे मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। इसी बीच डीसी वर्षा खांगवाल ने जिलावासियों से हीटवेव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए नागरिक अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को गंभीरता से अपनाएं, ताकि लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके। डीसी ने कहा कि नागरिक अनावश्यक रूप से दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से बचें तथा अधिकतर समय छायादार और ठंडी जगहों पर रहें। यदि किसी कारणवश बाहर जाना जरूरी हो तो सुबह और शाम के समय ही निकलें। बाहर जाते समय छाता, टोपी, गमछा अथवा तौलिये का प्रयोग जरूर करें, ताकि शरीर को सीधी धूप से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, लस्सी, ओआरएस एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। साथ ही तरबूज, खीरा और संतरा जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों का अधिक उपयोग करें। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। साथ ही पक्षियों और बेसहारा पशुओं के लिए भी पानी और दाने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर या बेहोशी जैसी परेशानी महसूस हो तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार दें और जरूरत पड़ने पर 108 या 112 एम्बुलेंस सेवा पर संपर्क करें।
झज्जर में मई की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, पारा 45:लोगों का घरों से निकलना मुश्किल, तपती धूप ने किया बेहाल
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