9 महीने बाद कॉपीराइट छापेमारी मामले में केस दर्ज:कंपनी कर्मचारी समेत तीन पर कार्रवाई, ओएसडी-SI बहस के बाद SHO किए थे लाइन हाजिर

Actionpunjab
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लुधियाना के कस्बा खन्ना में सितंबर 2025 में हुई चर्चित कॉपीराइट छापेमारी के मामले में लगभग नौ महीने बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। सिटी थाना पुलिस ने नई आबादी खन्ना निवासी कारोबारी नितिन गर्ग की शिकायत पर सतनाम सिंह (चमकौर साहिब), अर्शदीप सिंह और संदीप सिंह (मोरिंडा) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह शिकायत 9 सितंबर 2025 को दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद लंबे समय तक जांच चली। कानूनी राय लेने के बाद अब पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि सतनाम सिंह ने अपने पद का गलत फायदा उठाते हुए ऐसे लोगों को साथ लेकर रेड करवाई, जो संबंधित कंपनी के कर्मचारी नहीं थे। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से पुलिस से सच्चाई छिपाई और पैसे वसूलने की नीयत से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। यह मामला उस समय काफी चर्चा में आया था, जब 6 सितंबर 2025 को खन्ना में विजय कुमार राकेश कुमार नामक किराना थोक व्यापारी की दुकान पर कॉपीराइट फर्म और पुलिस की संयुक्त रेड के दौरान भारी हंगामा हो गया था। जानकारी के मुताबिक, स्पीड सर्च नेटवर्क लिमिटेड से जुड़े सतनाम सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने इस फर्म पर छापेमारी की थी। रेड दौरान जब्त किया था लाखों का माल रेड के दौरान लाखों रुपये का सामान जब्त कर उसे नकली बताया गया था। इसी दौरान पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद के ओएसडी करुण अरोड़ा मौके पर पहुंच गए थे। वहां उनकी सब इंस्पेक्टर संजम प्रताप सिंह ढिल्लों के साथ तीखी बहस हुई थी। करुण अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई व्यापारियों में डर पैदा करने और उन्हें परेशान करने के मकसद से की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि पुलिस और रेड टीम ने मिलकर व्यापारी को लूटने की कोशिश की, जिसे उन्होंने रुकवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उस समय की एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस ने सिटी थाना के तत्कालीन एसएचओ विनोद कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। उन पर दुकान का डीवीआर जबरन अपने साथ ले जाने के आरोप भी लगे थे।

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