Rahul Gandhi Phones Aspirants Mother Over NEET Paper Leak

Actionpunjab
5 Min Read


भोपाल1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

NEET पेपर लीक से दुखी होकर जान देने वाली एमपी के मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के माता-पिता से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फोन पर बात की। शुक्रवार को राहुल और आकांक्षा की मां के बीच हुई बातचीत का वीडियो आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने फेसबुक पर शेयर किया है।

राहुल ने आकांक्षा की मां नीलम से कहा- मैं आपकी यदि कोई सहायता कर सकता हूं तो बताइए। इस पर नीलम ने कहा- आप तो खुद देश की रक्षा कर रहे हैं। मेरा तो जो गया, वो लौटकर तो नहीं आएगा।

राहुल गांधी ने आकांक्षा की मां से बातचीत की।

राहुल गांधी ने आकांक्षा की मां से बातचीत की।

राहुल गांधी और आकांक्षा की मां के बीच हुई बातचीत

नीलम: हेलो!

राहुल गांधी: नमस्ते!

नीलम: नमस्ते सर!

राहुल गांधी: नमस्कार! आज मैं एयरपोर्ट जा रहा था। मैंने आपकी बेटी की चिट्‌ठी पढ़ी तो मुझे बहुत दुख हुआ। इसलिए मैंने आपको फोन किया, अगर मेरे लायक कोई मदद हो या काम हो तो मैं कर सकता हूं।

नीलम: मैं आप से क्या कहूं। आप तो खुद ही देश की रक्षा कर रहे हैं। मेरा तो जो गया, वो तो आएगा नहीं।

राहुल गांधी: हां, मैंने देखा… बेचारी उसकी इसमें कोई गलती नहीं थी, उसने कुछ गलत नहीं किया था। बस पढ़ाई की थी। आपने कर्ज लिया।

नीलम: सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि उसने इतनी मेहनत की। शायद ये पेपर लीक न होता तो यह नहीं होता। हमारा तो कोई दूसरा है भी नहीं। एक ही सहारा थी हमारा। उसी के भरोसे उसके पिताजी टिके थे, उसी के भरोसे मैं टिकी थी।

राहुल गांधी: मैंने चिट्‌ठी में देखा। उसे लगा कि उसने आपको बर्बाद कर दिया। आपने कर्ज लिया था। उसने आपको बर्बाद कर दिया। मतलब बेचारी को कितना दर्द, दुख हुआ होगा उसे।

नीलम: अब आप चिट्‌ठी पढ़कर खुद सोच सकते हैं। जब उसने ऐसा लिखा तो उसके मां-बाप उसे कैसे वहां तक पहुंचाए होंगे।

राहुल गांधी: आपने तो अपनी पूरी मेहनत की। उसे लगा मेरे पूरा का पूरा ऐसे ही पूरा सपना टूट गया।

नीलम: जी पूरा टूट गया। उसका कहना था कि मेरे अच्छे मार्क्स आए हैं। मेरा पेपर लीक न होता तो मैं डॉक्टर बन जाती, क्योंकि मेरे घर में लड़की ही बड़ी थी। बेटा तो मेरा छोटा है, वो तो कुछ कर नहीं सकता। उसका तो अभी ग्रेजुएशन भी नहीं हुआ। उसके पिता तो कुछ कहने लायक ही नहीं हैं। वे अपने हाथ से पानी भी नहीं पी सकते।

राहुल गांधी: क्या उन्हें पैरालाइज अटैक हुआ था?

नीलम: उनका दो अटैक का ऑपरेशन हुआ था। पैरालाइज भी हुआ है। उनका दांयां हाथ नहीं चलता।

राहुल गांधी: मैं आपको फोन करना चाहता था। कोई मेरे लायक कुछ हो तो एनएसयूआई (NSUI) वालों को बता देना।

(इस बीच आकांक्षा के बड़े पिता हनुमान प्रसाद चतुर्वेदी ने राहुल गांधी से बात की। कहा- आपके माध्यम से ढाई लाख रुपए प्राप्त हो चुके हैं। 50 हजार रुपए आज आने वाले हैं।)

राहुल गांधी से फोन पर बात करती आकांक्षा की मां।

राहुल गांधी से फोन पर बात करती आकांक्षा की मां।

यह खबर भी पढ़ें…

‘सॉरी मम्मी-पापा, दोबारा पेपर देने की हिम्मत नहीं’:NEET पेपर लीक से टूटी मऊगंज की छात्रा ने खुदकुशी की, सामने आया सुसाइड नोट

मम्मी-पापा आपको भरोसा था कि आपकी बेटी पढ़-लिखकर डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। यह दर्द था National Eligibility cum Entrance Test (NEET) 2026 की तैयारी करने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी का। आकांक्षा ने 20 मई को नागपुर में फांसी लगा ली। अब उसका सुसाइड नोट सामने आया है। इसमें लिखा है- पहले पेपर में अच्छे मार्क्स आने की उम्मीद थी, लेकिन अब दोबारा अच्छा पेपर होगा, इसकी गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी-पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया। पढ़ें पूरी खबर

खबरें और भी हैं…
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *