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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेताओं ने भी पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गहलोत आज खुद को रिलेवेंट बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है, इस समय कांग्रेस में सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी देने की चर्चा चल रही हैं। ऐसे में गहलोत झटपटा रहे हैं। ऐसे मौकों पर उनकी झटपटाहट आती रहती है। वो हमेशा बोतल से जिंद बाहर निकालते हैं। गहलोत पिछले 40 सालों से राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस की धूरी बने बैठे थे, अब उन्हें उससे उतरने के डर लग रहा हैं। शेखावत ने कहा कि गहलोत ने मुझको लेकर कहा था कि मुझे राजनीतिक रूप से लाइन लंबी करनी चाहिए। लेकिन राजस्थान में कांग्रेस का इतिहास गवाह है कि जिस भी कार्यकर्ता ने अपनी लाइन को थोड़ा भी लंबा करने की कोशिश की, उन्होंने रबड़ लेकर उसे मिटाने का प्रयास किया हैं।
आपकी तरह एक परिवार का सेवक नही
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गहलोत ने मेरे बारे में भी कहा है कि मैं डरा हुआ हूं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि मैं वीर दुर्गादास राठौड़ की परंपरा का अनुयायी हूं, डर मेरे खून में नहीं है। आपको तो उल्टे अपने अप्रासंगिक हो जाने का भय सताता रहता है, इसलिए आप लगातार मेरे खिलाफ बोलते रहते हैं। सच तो यह है कि मैं न होता, तो आपकी राजनीति ही खत्म हो जानी थी। मैं आपकी तरह किसी एक परिवार का सेवक नहीं हूँ। आपका पूरा राजनीतिक जीवन पदलोलुपता और सत्ता से चिपके रहने का प्रमाण रहा है, इसलिए कम से कम आपसे मुझे किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं। गहलोत सांस भी लेते है तो राजनीति करते हैं।
वहीं, गहलोत के बयान पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि इस दर्द कोई दवा नहीं हैं, जब भी मौका लगता है यह फूट पड़ता है। कांग्रेस की आपस की सिर फुटवल किसी से छिपी नहीं हैं। कांग्रेस की ए टीम और बी टीम एक दुसरे पर गोल दागती जा रही हैं। राठौड़ ने कहा कि गहलोत को आज कांग्रेस आलाकमान पूछ नहीं रहा है। पहले उन्होने आलाकमान की मिजाजपुर्सी में कोई कमी नहीं छोड़ी। अब वे विद्रोही तेवर दिखाकर आलाकमान में स्थान बनाना चाहते हैं। हम सबको मालूम है कि आज कांग्रेस पार्टी के पुनर्गठन का दौर जारी हैं। उन्होने कहा कि इस तरह की बयानबाजी करके चर्चा में रहना उनकी आदत में शुमार हैं। राजस्थान में अशोक गहलोत वो नेता है, जो सांस भी लेते है, तब भी उसके पीछे कोई ना कोई राजनीति रहती हैं। वो दिन-रात राजनीति में लिप्त रहने वाले नेता हैं। हालांकि कांग्रेस में प्रासंगिकता के सवाल पर उन्होने कहा कि वे तीन बार के मुख्यमंत्री रहे हैं। एनएसयूआई से उन्होने राजनीति की शुरुआत की थी। कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री अप्रासंगिक हो ही नहीं सकता हैं।
शेखावत बोले-कांग्रेस पायलट को कंसीडर कर रही-इसलिए गहलोत झटपटा रहे:राजेन्द्र राठौड़ ने कहा-गहलोत सांस भी लेते है तो उसके पीछे राजनीति होती है
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