Budget Expectations Farmers: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाली हैं। ऐसे में देशभर के किसानों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। यह उम्मीद पीएम किसान की सहायता राशि को 6000 रुपये से बढ़कार 9000 रुपये सालाना करने को लेकर है। बता दें इस योजना के तहत, पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में मिलते हैं। हर किस्त के रूप में किसानों को 2,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
योजना की शुरुआत से ही इसकी सहायता राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछले बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम किसान लाभार्थियों को तो कुछ नहीं दिया, लेकिन केसीसी की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करके करोड़ो किसानों को तोहफा दिया।
किसानों की क्या है मांग
इस बार लोग पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अपने आलू की फसल की सिंचाई कर रहे किसान राम प्रवेश शर्मा कहते हैं कि चार महीने में 2000 रुपये मिलते हैं। इससे खाद की लागत भी नहीं आती। मजदूरी काफी बढ़ गई है। ऐसे में सरकार को कम से कम पीएम किसान की किस्त 3000 कर देनी चाहिए।
वहीं, सरसों के लहलहाते खेत में दवा का छिड़काव कर रहे किसान राधेश्याम ने भी पीएम किसान की राशि को 9000 रुपये करने की मांग की। किसान भोदा यादव, गिरजा यादव और जुगानी भाई ने बताया कि अब खेती-किसानी में कुछ रखा नहीं है। कभी सूखे जैसे हालात तो कभी बेमौसम बरसात फसल को तबाह कर देती है। लागत की तुलना में उपज बहुत कम मिल रही। पीएम किसान के पैसे से खेती की लागत थोड़ी कम तो हुई है पर अब 6000 रुपये नाकाफी लगते हैं। कम से कम 9000 हो तो राहत मिले।
बता दें केंद्र सरकार अब तक पीएम किसान सम्मान निधि योजन के तहत किसानों के खातों में 2000-2000 रुपये की 21 किस्तें भेज चुकी है। अब लाभार्थियों को 22वीं किस्त का इंतजार है।