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झालावाड़ में मंगलवार को लंबित भुगतान से नाराज ठेकेदारों ने अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (समसा) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने नई निविदाओं की प्रक्रिया का बहिष्कार किया। ठेकेदारों का आरोप है कि वर्षों पहले किए गए कार्यों का भुगतान अभी तक नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने बताया कि पूर्व में एसडीआरएफ (SDRF) मद से स्कूलों में कराए गए मरम्मत कार्यों की जांच पहले शिक्षा विभाग और फिर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा की जा चुकी है। इसके बावजूद बार-बार नई जांच समितियां गठित कर जांच कराई जा रही है, जिसके कारण भुगतान लगातार अटका हुआ है। ठेकेदारों का कहना है कि वे निष्पक्ष जांच का स्वागत करते हैं, लेकिन एक ही कार्य की बार-बार जांच उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक जांच के लिए 7 से 14 दिन की समय-सीमा तय की जाए। साथ ही, निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाए। यदि जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदारों का लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए। ठेकेदारों ने बताया कि भुगतान न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण भी कठिन हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भुगतान न मिलने के विरोध में नई निविदाओं का बहिष्कार करने का यह दूसरा मौका है। इस प्रदर्शन में संवेदक तिलक टेलर, सुजीत पाटीदार, फैजान, आसिफ, टीकम, राकेश, रिंकू यादव, कुलदीप सिंह, ऋतिक पारेता, वीरेंद्र सिंह, फूलचंद, मुकेश, रोहित और रवि सहित बड़ी संख्या में अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने किया प्रदर्शन:शिक्षा विभाग में नई निविदाओं का बहिष्कार, बकाया पैसा जारी करने की मांग
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