वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान का दावा- पाकिस्तान में ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की

Actionpunjab
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अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने चेतावनी दी, “हम अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाली हर जगह को निशाना बनाएंगे।” मंत्रालय के मुताबिक, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल की शाह सलीम घाटी में कार्रवाई की गई। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए। यह भी कहा गया कि सरानान इलाके के एक स्कूल का इस्तेमाल ISIS के अड्डे के रूप में किया जा रहा था। अफगानिस्तान ने कहा कि यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए हवाई हमलों के बाद की गई है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कई आम नागरिक मारे गए थे। भारत ने भी पहले पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबर… बाल दुष्कर्म मामलों में दोषी पाकिस्तानी मूल का शबीर रिहा होगा, ब्रिटिश नागरिकता रद्द होने के बावजूद नहीं होगा निर्वासित
ब्रिटेन के चर्चित रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का दोषी शबीर अहमद गुरुवार को 14 साल जेल में बिताने के बाद रिहा होने वाला है। ब्रिटिश मीडिया के अनुसार उसकी नागरिकता रद्द की जा चुकी है, लेकिन मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत उसे पाकिस्तान निर्वासित नहीं किया जा सकता। 73 वर्षीय अहमद को 2012 में नाबालिग से दुष्कर्म, यौन शोषण के लिए मानव तस्करी और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 19 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में उसी वर्ष उसे बाल दुष्कर्म के 30 अतिरिक्त मामलों में 22 साल की सजा मिली। दोनों सजाएं साथ-साथ चलने के कारण वह अब रिहा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रिहाई के बाद उसे 24 घंटे निगरानी वाले आवास में रखा जाएगा। उस पर कर्फ्यू, कुछ क्षेत्रों में जाने पर प्रतिबंध और अन्य निगरानी संबंधी शर्तें लागू रहेंगी। रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का मामला ब्रिटेन में उन प्रमुख मामलों में शामिल है, जिनमें पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर पीड़ितों की शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। ब्रिटेन के दो तटीय शहरों में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर 3 साल की रोक
इंग्लैंड के केंट तट पर स्थित मार्गेट और रैम्सगेट शहरों में बढ़ती हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश बुधवार से लागू होगा। इसके तहत पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर शराब जब्त कर सकेगी और आदेश का पालन नहीं करने वालों पर 1,000 पाउंड (करीब 1.3 लाख रुपए) तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इंग्लैंड और वेल्स के अधिकांश हिस्सों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनी है, लेकिन स्थानीय परिषदें पब्लिक स्पेसेज प्रोटेक्शन ऑर्डर (PSPO) के तहत संवेदनशील इलाकों में ऐसे प्रतिबंध लागू कर सकती हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मार्गेट शहर में दर्ज होने वाली करीब 70% से अधिक कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाएं शराब के नशे से जुड़ी असामाजिक गतिविधियों से संबंधित हैं। इनमें सड़क पर मारपीट, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना और उपद्रव शामिल हैं। केंट पुलिस के मुताबिक हाल के समय में बड़ी संख्या में बाहरी इलाकों से आए युवाओं के कारण समुद्र तटों पर सामूहिक झगड़े और रेलवे स्टेशन पर हमले जैसी घटनाएं हुईं। सबसे लोकप्रिय जर्मन पार्टी की नेता बोलीं को अर्थव्यवस्था संभलने के लिए रूस से फिर खरीदें तेल-गैस
जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) की सह-अध्यक्ष एलिस वाइडेल ने रूस से तेल और गैस आयात पर लगी रोक हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सस्ती रूसी ऊर्जा बंद होने से जर्मन अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी रूस के साथ आर्थिक संबंध बहाल करेगी। रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में वाइडेल ने कहा, “रूस से मिलने वाली सस्ती ऊर्जा ‘मेड इन जर्मनी’ की सफलता का आधार थी। हमें उसे वापस लाना होगा।” यूक्रेन युद्ध के बाद 2022 में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के तहत जर्मनी ने रूस से ऊर्जा आयात में भारी कटौती की थी। इससे पहले जर्मनी अपनी प्राकृतिक गैस का लगभग 55% रूस से प्राप्त करता था। ताजा INSA सर्वे में एएफडी को 29% समर्थन मिलने का अनुमान है, जो चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की सीडीयू से सात प्रतिशत अंक अधिक है। हालांकि जर्मनी की अन्य प्रमुख पार्टियां अब भी एएफडी के साथ गठबंधन करने से इनकार करती हैं। अगला आम चुनाव 2029 में प्रस्तावित है।

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