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महज 17 साल की उम्र में छात्र ईशान बजाज ने एक स्कूल प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय सामाजिक पहल का रूप देने का दावा किया है। वर्ष 2025 में शुरू किया गया उनका संगठन ‘स्वयं’ अब 25 देशों में सक्रिय युवा-संचालित एलजीबीटीक्यूआईए+ समावेशी नेटवर्क बनने का दावा करता है। संगठन का कहना है कि उसने प्राइड कार्यक्रमों, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों के जरिए हजारों युवाओं तक पहुंच बनाई है, खासकर छोटे शहरों और कस्बों में, जहां इस समुदाय के लिए संसाधनों की कमी है। सोशल मीडिया के जरिए 4 लाख से अधिक लोग जुड़े संगठन के मुताबिक, ‘स्वयं’ का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि एलजीबीटीक्यूआईए+ युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। संस्था का दावा है कि कानपुर, लखनऊ, जयपुर, देहरादून, चंडीगढ़ और फिलीपींस सहित कई शहरों में आयोजित कार्यक्रमों से करीब 40 हजार लोग सीधे जुड़े, जबकि सोशल मीडिया के जरिए 4 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई। 200 लोगों को नौकरी दिलाने में मदद का दावा री-स्किलिंग और रोजगार कार्यक्रम के माध्यम से करीब 200 लोगों को नौकरी दिलाने में मदद का भी दावा किया गया है। संगठन अब पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, इटली, मंगोलिया और फिलीपींस सहित 25 देशों में गतिविधियां संचालित करने की बात कहता है। ईशान अब 8 अगस्त को ‘हमारी आवाज’ अभियान के तहत कई राज्यों के शहरों में ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में छात्र भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
17 साल के छात्र ने खड़ा किया एलजीबीटीक्यूआईए+ नेटवर्क:25 देशों तक पहुंचा 'स्वयं'; ईशान बजाज ने स्कूल प्रोजेक्ट से शुरू की पहल
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