Budget 2025 Expectations Health: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के विस्तार के चलते इस बार स्वास्थ्य मंत्रालय के बजट में अच्छी-खासी वृद्धि होने के आसार हैं। अनुमान है कि हेल्थ बजट एक लाख करोड़ रुपये की सीमा पार कर जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 90 हजार करोड़ रुपये है। इसके अलावा बजट में हेल्थ रिसर्च के लिए भी आवंटन बढ़ाने जाने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार 70 साल से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में लाने का ऐलान कर चुकी है। ओडिशा भी इस योजना का हिस्सा बन चुका है। दिल्ली में अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो यह योजना राजधानी में भी लागू होगी। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के लिए आवंटन में अच्छी-खासी वृद्धि की संभावना व्यक्त की जा रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान योजना के लिए आवंटन 6,800 करोड़ रुपये है, जिसमें कम से कम 20-25 फीसदी का इजाफा होगा।
कोरोना काल के बाद हेल्थ बजट में वृद्धि तो हुई है, लेकिन अभी भी यह जीडीपी के 1.6 फीसद के करीब ही है। वहीं, सरकार का लक्ष्य इसे 2.5 फीसद तक ले जाने का है। वर्ष 2019-20 के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय को कुल 66 हजार करोड़ रुपये आवंटित हुए थे जो अब 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
15-20 फीसदी की वृद्धि का अनुमान
स्वास्थ्य अनुसंधान के बजट में 15-20 फीसदी तक वृद्धि का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष के दौरान 3300 करोड़ रुपये है। दरअसल, जिस प्रकार से नई-नई बीमारियों की चुनौती बढ़ रही है, उसके मद्देनजर नए अनुसंधान और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसलिए स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग को आवंटन बढ़ेगा।
देश को टीबी मुक्त और सौ फीसदी टीकाकरण की तैयारी
केंद्र सरकार देश को टीबी मुक्त बनाने, सौ फीसदी टीकाकरण और सांस्थनिक प्रसव को बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत है। इसके चलते राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का विस्तार 2026 तक किया गया है। इसलिए तय समय के भीतर लक्ष्यों को हासिल करने के लिए इन कार्यक्रमों के लिए भी आवंटन बढ़ाया जा सकता है।
पिछले पांच वर्षों का स्वास्थ्य बजट
वर्ष बजट (हजार करोड़ रुपये)
2020-21 83,276