ब्रिटेन के मौसम विभाग ने भी अल-नीनो को लेकर डराने वाली भविष्यवाणी की है। उसका कहना है कि 100 साल का सबसे भयंकर अल-नीनो होगा जिसकी वजह से अगले साल भयंकर गर्मी पड़ेगी।
अल नीनो को लेकर भविष्यवाणी ने टेंशन बढ़ा दी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस साल का अल-नीनो इस शताब्दी का सबसे ताकतवर अल-नीनो साबित होने वाला है। ब्रिटेन के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 2027 में पड़ने वाला अल-नीनो दुनिया को 2024 (आर्थिक गतिविधियों को लेकर) में धकेल सकता है। इसके साथ ही गर्मी के मामले में भी 2024 का रिकॉर्ड टूट जाएगा।
फसलों पर पड़ रहा अल-नीनो का असर
अल-नीनो की वजह से मॉनसून पर पहले ही असर पड़ चुका है। ऐसे में भारत की दो फसलों का नुकसान होने वाला है। इसके अलावा तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल तापमान सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा बना रह सकता है। ब्रिटेन के विभाग के हवाले से बीबीसी ने बताया कि पिछले 100 सालों में लोगों ने अल-नीनो का ऐसा असर नहीं देखा होगा जो कि इस साल और अगले साल देखने को मिलने वाला है।
प्रशांत महासागर का बढ़ रहा है तापमान
प्रशांत महासागर का लगातार तापमान बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक 2015 से तुलना करें तो फिलहाल तापमान 2.6 डिग्री ज्यादा बना हुआ है। वहीं नवंबर आते आते यह 3.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। ब्रिटेन के मौसम विभाग ने कहा, अल-नीनो को लेकर अभी कोई भविष्यवाणी तो जारी नहीं की गई है लेकिन अगर अनुमान के मुताबिक अल-नीनो इतना ही भयंकर होता है तो पूरी दुनिया की जलवायु बुरी तरह प्रभावित होगी और लोग त्रस्त हो जाएंगे।
2024 को पीछे छोड़ सकता है 2027
2024 में भयंकर गर्मी पड़ी थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर अल-नीनो का संभावित असर देखने को मिलता है तो 2027 की गर्मी सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। अल नीनो का प्रभाव 9 महीने से लेकर एक साल तक रहता है। ऐसे में दुनियाभर का तापमान प्रभावित होता है।एक और मौसम विज्ञानी निक दुन्स्टोन ने कहा कि दुनियाभर का तापमान अभी सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा है।
भारत में सामान्य से कम बारिश
अल-नीनो का असर मॉनसून पर देखने को मिल रहा है। इस बार पूरे सीजन में सामान्य की 90 फीसदी ही बारिश होने की उम्मीद है। यह पिछले 11 साल में सबसे कम है। आईएमडी के वैज्ञानिक ओपी श्रीजीत ने कहा कि 2027 गर्मी के मामले में 2024 को भी पीछे छोड़ देगा। ऐसे में हीटवेव का प्रकोप ज्यादा देखने को मिलेगा। 2027 में रबी की फसल पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। भारत के भी वैज्ञानिकों का यही कहना है कि अल-नीनो के प्रभाव की वजह से कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। वहीं कृषि क्षेत्र पर असर पड़ने की वजह से इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि लोगों पर महंगाई की जबरदस्त मार पड़ेगी।