Anvi Vishesh Agrawal Story: भुवनेश्वर की 6 साल की अन्वी विशेष अग्रवाल ने 4 साल की उम्र में अपनी किताब लिटिल गर्ल, बिग इमोशन्स लिखकर और TEDx पर बोलकर 2 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।
Anvi Vishesh Agrawal Success Story: जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे अक्षरों को पहचानना और अपनी बातें छोटे-छोटे शब्दों में बोलना सीख रहे होते हैं, उसी उम्र में ओडिशा के भुवनेश्वर की रहने वाली 6 वर्षीय अन्वी विशेष अग्रवाल ने अपनी असाधारण प्रतिभा से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। महज 6 साल की उम्र में अन्वी ने वह मुकाम हासिल कर दिखाया है, जो बड़ों-बड़ों के लिए आसान नहीं होता। अपनी भावनाओं को समझने और उन्हें व्यक्त करने की अद्भुत कला से आज उनके नाम एक नहीं, बल्कि 2-2 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दर्ज हैं।
4 साल की उम्र में लिख डाली किताब
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से बातचीत में अन्वी ने बताया कि जब वे छोटी थीं, तो कभी-कभी उनके मन में उठने वाले विचार और भावनाएं इतनी तेज होती थीं जैसे कोई ज्वालामुखी फटने वाला हो। इसी अनुभव से उनके मन में ख्याल आया कि बच्चों को अपनी भावनाओं से डरना या अकेला महसूस नहीं करना चाहिए। अन्वी का मानना है कि भावनाएं महसूस होना बिल्कुल सामान्य है, बस हमें उन पर खुलकर बात करने की जरूरत है। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘लिटिल गर्ल, बिग इमोशन्स’ नाम की किताब लिखी।
2 भाषाओं में लिखी किताब, खुद ही बनाए चित्र
अन्वी की किताब की सबसे खास बात यह है कि यह अंग्रेजी और स्पेनिश दो भाषाओं में तैयार की गई है। इतना ही नहीं, किताब के खूबसूरत चित्र भी अन्वी ने खुद अपनी कल्पना से बनाए हैं। इस किताब के जरिए उन्हें दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल बाइलिंगुअल ऑथर लेखिका का पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला। लॉन्च होने के पहले ही हफ्ते में इस किताब की 1,167 से ज्यादा कॉपियां बिक गईं और अन्वी ने देश के बड़े बुकस्टोर्स में बुक-साइनिंग इवेंट्स भी किए। हाल ही में जब अन्वी ने लंदन स्थित गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुख्यालय का दौरा किया, तो उन्हें 2027 के स्पेशल एडिशन में ‘यंग अचीवर’ के रूप में 1 पूरा समर्पित पेज दिखाया गया।
दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड: सबसे कम उम्र की TEDx स्पीकर
पहला रिकॉर्ड बनाने के करीब एक साल बाद अन्वी ने दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने ‘क्रिएटिविटी इज ए सुपरपावर’ विषय पर 4 मिनट का बेहद प्रभावशाली भाषण दिया। इसके साथ ही वे दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल TEDx स्पीकर बन गईं।
पेंटिंग और पर्यावरण से अनोखा लगाव
अन्वी की प्रतिभा सिर्फ लिखने और बोलने तक सीमित नहीं है। वे पेंटिंग में भी बहुत माहिर हैं। महज 2 साल की उम्र तक उन्होंने 72 से अधिक पेंटिंग्स बना ली थीं। उनकी बनाई पेंटिंग्स की प्रदर्शनी मुंबई, गुरुग्राम और दुबई वर्ल्ड आर्ट जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लग चुकी है। इसके अलावा, अन्वी पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी काफी जागरूक हैं। उन्होंने 2021 में इको-फ्रेंडली जीवनशैली और त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए अन्वी हैप्पीनेस फाउंडेशन की शुरुआत की। अन्वी की यह कहानी हर बच्चे को सिखाती है कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती।