तन्वी ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में बताया कि नीट पीजी की परीक्षा उन्होंने ऐसे समय में दी, जब उनके माता-पिता नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बीच लापता हो गए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान उनकी आंखों में सिर्फ आंसू थे।
30 अगस्त को पूरे देशभर में नीट पीजी 2026 का एग्जाम आयोजित हुआ। हालांकि, सभी जगह एग्जाम सही तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन जयपुर में स्थित सीतापुरा में एक एग्जाम सेंटर पर बिजली गुल होने की वजह से वहां की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और अब इस सेंटर पर 5 सिंतबर को दोबारा से एग्जाम आयोजित होगा। इन सब के बीच नीट पीजी एग्जाम से जुड़ी एक और खबर बेहद चर्चा में रही। यह खबर है नीट पीजी एग्जाम दे चुकी उम्मीदवार तन्वी की। दरअसल, उनके माता-पिता नेपाल में आई बाढ़ के बीच कैलाश यात्रा के दौरान लापता हो गए। इसके बावजूद उन्होंने रोते हुए नीट पीजी का एग्जाम दिया। यह खबर तब सुर्खियों में आई, जब उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जो काफी भावुक कर देने वाला था। उन्होंने अपने माता-पिता से जुड़ी कई यादें शेयर की हैं। जैसे कि तन्वी ने वीडियो में बताया कि इस बार बिना दही-चीनी रस्म के वो परीक्षा दी हैं।
‘पिता की चाहते थे कि दूं एग्जाम’
तन्वी ने सोशल मीडिया पर शेयर किए वीडियो में बताया कि नीट पीजी की परीक्षा उन्होंने ऐसे समय में दी, जब उनके माता-पिता नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बीच लापता हो गए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान उनकी आंखों में सिर्फ आंसू थे। वो कहती हैं कि कई बार सवाल ठीक से दिखाई तक नहीं देते थे। लेकिन मेरे पिता चाहते थे कि मैं नीट का पेपर जरूर दूं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने के बिल्कुल मन नहीं था, लेकिन वो खुद को समझाती रहीं कि उन्हें अपने माता-पिता का सपना पूरा करना है, इसलिए उन्होंने पूरी परीक्षा रोते हुए दी।
अपनी तस्वीर देखकर रो पड़ीं तन्वी
जैसा कि नीट पीजी की परीक्षा 3 घंटे की होती है। तन्वी ने बताया कि वो एग्जाम में करीब डेढ़ घंटे रोती रहीं और पूरा एग्जाम दिया। उन्होंने एग्जाम के समय सबसे इमोशनल पल को याद करते हुए कहती हैं कि जब कंप्यूटर स्क्रीन पर एडमिट कार्ड में अपनी तस्वीर देखी, तो पिता की याद आ गई। क्योंकि यह तस्वीर उनके पिता ने ही खींची थी। ऐसे में इसे देखते हुए मेरे लिए पेपर देना काफी मुश्किल था। लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और पूरी परीक्षा दी।
मां की दही-चीनी वाली रस्म भी रह गई अधूरी
तन्वी ने बताया कि परीक्षा के दिन उन्हें सबसे ज्यादा अपनी मां की याद आई। हर बड़े एग्जाम से पहले उनकी मां उन्हें दही-चीनी खिलाकर परीक्षा के लिए रवाना करती थीं। यह परिवार की एक छोटी-सी परंपरा थी, जो तन्वी के लिए किसी खास हौसले से कम नहीं थी। लेकिन इस बार परीक्षा के दिन मां उनके साथ नहीं थीं।
बता दें कि तन्वी ने वीडियो में बताया कि उनके माता-पिता वेंकट्राम अन्नामदेवरा और अनघा अन्नामदेवरा 67 लोगों के एक ग्रुप के साथ कैलाश यात्रा पर निकले थे। नेपाल में आई बाढ़ और खराब हालात के बीच यात्रा कर रहे इस ग्रुप से संपर्क टूट गया। परिवार के मुताबिक काफी कोशिशों के बावजूद यात्रा पर गए लोगों यात्रा का आयोजन करने वाली संस्था से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
डिजिटल क्रिएटर भी हैं तन्वी
तन्वी नीट पीजी उम्मीदवार होने के साथ-साथ वो एक डिजिटल क्रिएटर भी हैं। वो सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। इंस्टाग्राम पर करीब 55 हजार से अधिक फॉलोवर्स हैं।