एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के 436 जनजातीय छात्रों ने NEET-UG 2026 पास कर इतिहास रचा है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 26.7% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दूरदराज के जनजातीय इलाकों में रहने वाले बच्चों के पास जब सही साधन, अच्छी पढ़ाई और मजबूत मार्गदर्शन पहुंचता है, तो वे नामुमकिन को भी मुमकिन बना दिखाते हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) के छात्रों ने।नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (NESTS) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल EMRS के रिकॉर्ड 436 छात्रों ने NEET-UG 2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है। पिछले साल यह संख्या 344 थी, यानी इस बार नीट पास होने वाले छात्रों की संख्या में 26.7% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यह बदलाव कितना बड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2023 में EMRS का एक भी छात्र नीट पास नहीं कर पाया था, वहीं 2024 में केवल 6 छात्रों को सफलता मिली थी।
27 छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में मिल चुका है दाखिला
काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रहने के बीच अब तक कम से कम 27 सफल उम्मीदवारों ने मेडिकल कॉलेजों में अपनी सीट पक्की कर ली है।
गुजरात: 117 छात्र (देश में सर्वाधिक)
छत्तीसगढ़: 90 छात्र
मध्य प्रदेश: 66 छात्र
ओडिशा: 36 छात्र
तेलंगाना: 32 छात्र
इन आंकड़ों से साफ है कि यह सफलता किसी एक राज्य तक सीमित न होकर राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल रही है।
प्रेरणादायक कहानियां: जब अखबार की खबर बनी डॉक्टर बनने की वजह
सफल होने वाले छात्रों की कहानियां बेहद ही भावुक और प्रेरणादायक हैं-
नोकेश्वर राम (EMRS कोसामबुडा, छत्तीसगढ़): विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) कमर समुदाय से आने वाले नोकेश्वर के पिता किसान हैं। नोकेश्वर ने बताया कि एक दोस्त ने उन्हें बिलासपुर की 4 साल की बच्ची की दुर्घटना से जुड़ी अखबार की कटिंग दिखाई थी, जिसकी जान एक सर्जन ने बचाई थी। इस खबर ने उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्हें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, महासमुंद में सीट मिली है।
नम्रता (EMRS कोसामबुडा, छत्तीसगढ़): कमर समुदाय की ही नम्रता को पंडित जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज, रायपुर में दाखिला मिला है। उन्होंने कक्षा 10वीं के बाद गर्मियों की छुट्टियों में घर जाने के बजाय स्कूल के हॉस्टल में रहकर देर रात तक नीट की तैयारी की।
विजय किस्कू (EMRS बंगरीपोसी, ओडिशा): विजय ने अपनी लगन के दम पर देश के टॉप एम्स रायपुर (AIIMS) में मेडिकल की सीट पक्की की है।
राठवा भार्गवकुमार मावसिंग (EMRS वेजलपुर, गुजरात): इन्होंने 720 में से 531 अंक हासिल कर EMRS के छात्रों में टॉप स्थान प्राप्त किया।
स्मार्ट स्टडी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का योगदान
एकलव्य विद्यालयों में छात्रों को बेहतर माहौल देने के लिए डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर आधारित मॉक टेस्ट, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन कोचिंग की सुविधाएं दी जा रही हैं। NESTS द्वारा जेईई और नीट की तैयारी के लिए सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भी विकसित किए जा रहे हैं।