मौसम विभाग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 10 सितंबर तक कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है जबकि 11 से 13 सितंबर के दौरान वहां छिटपुट बारिश हो सकती है। पंजाब में 7 से 13 सितंबर के बीच बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि सक्रिय मॉनसून और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के पूर्व की ओर बढ़ने की वजह से उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इसके लिए उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में तबाही की बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन राज्यों में 9 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा सिक्किम में भी कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
दूसरी तरफ, मौसम विज्ञान विभाग ने 13 सितंबर तक पंजाब और हरियाणा के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की है,लेकिन कहा है कि इस दौरान दोनों ही राज्यों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं या छिटपुट बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है। उत्तराखंड में 7 सितंबर को और फिर 10 से 12 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होने के आसार हैं और इन अवधि के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। सात दिन के अनुमान से पता चलता है कि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सात से 10 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश होगी और उसके बाद 11 से 13 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश होगी।
बरेली में आसमानी आफत: 24 घंटे में बरसा 38 CM पानी!
मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में बादलों ने सबसे ज्यादा कहर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली पर बरसाया है, जहां रिकॉर्ड 38 सेंटीमीटर (380 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, पूर्वी उत्तर प्रदेश के महसी (बहराइच) में 18 सेमी, उत्तराखंड के गूलरभोज में 15 सेमी और बिहार के लौकही (मधुबनी) में 12 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश (>20 सेमी) दर्ज की गई है, जबकि उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी से बहुत भारी (12-20 सेमी) बारिश दर्ज की गई है।
क्यों बरस रही है इतनी आफत? तीन सिस्टम कौन सी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में कई प्रणालियां एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। कल जो कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में सक्रिय था, वह आज उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में आ चुका है, जिससे चक्रवाती परिसंचरण जुड़ा हुआ है। इसके अलावा दक्षिण गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश के इस कम दबाव वाले क्षेत्र तक एक ट्रफ़ रेखा बनी हुई है। मध्य ट्रोपोस्फेर्रिक स्तर पर कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन प्रणालियों के आपस में मिलने से उत्तर, पूर्वी और मध्य भारत में तेज बारिश का माहौल बना हुआ है।
अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान और प्रमुख चेतावनियां
उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट: आज (7 सितंबर) उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में आज मध्यम से लेकर जबरदस्त बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। हालांकि IMD ने कहा है कि दक्षिण भारत में मौसम शुष्क रहेगा। विभाग के मुताबिक, प्रायद्वीपीय भारत (दक्षिण भारत) में अगले 6-7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां काफी कम रहने की संभावना है। हालांकि, केरल और माहे में 7 से 9 सितंबर के बीच गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ आंधी और बिजली कड़कने की संभावना है। यहाँ अधिकतम तापमान 33 से 35°C के बीच रहने की उम्मीद है। इस दौरान दिल्ली में मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार सुबह के समय 25 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है और बाद में दोपहर व शाम के समय हवा की गति में कमी आएगी।