प्रो. एसपी सिंह बघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री
केंद्रीय राज्यमंत्री व आगरा से भाजपा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो में उन्होंने कहा है कि रामजीलाल सुमन इस जन्म में माफी नहीं मांगेंगे तो तो इस जन्म में उन्हें कोई माफ भी नहीं
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प्रो. एसपी सिंह बघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री
संसद की कार्यवाही से निकलकर उन्होंने कहा कि खानवा का युद्ध विश्व में हुए युद्धों में से एक महत्वपूर्ण युद्ध है। जिसमें राणा सांगा ने बाबर के दांत खट्टे कर दिए थे। 80 घाव हुए थे। उनकी एक आंख, एक हाथ और एक पैर चला गया था। ऐसे महान योद्धा की सुमन बुराई कर रहे हैं। जबकि राणा सांगा और राजपूतों की वीरता का बखान बाबर ने अपने बाबरनामा में किया है। उन्होंने कहा कि यह बयान चाहे सर्वण का होता, किसी ये बयान किसी सर्वण का होता, किसी बैकवर्ड का होगा या शेड्यूल कास्ट का होता, देश उसको स्वाीकार नहीं करता। सांसद राजकुमार का सामने आ चुका है बयान भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रहा है कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर सांसद रामजीलाल सुमन के घर की छत से ईंट-पत्थर फेंके गए। नौजवानों ने प्रदर्शन किया, वह आक्रोश था। नौजवान क्रांति करता है, नौजवान देश के लिए लड़ता है और अपनी कौम के लिए लड़ता भी है।

राजकुमार चाहर, भाजपा सांसद
उन्होंने वीडियो में कहा-समाजवादी के सांसद ने जो अनर्गल बयानबाजी की है, वह तुष्टीकरण की पराष्ठा को पार करती है। औरंगजेब का महिमा मंडन करना समजावादी पार्टी के डीएनए में है। आप बाबर का महिमा मंडन कीजिए लेकिन देश के गौरव राणा सांगा पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राणा सांगा को मानने वाले हम सब लोग क्या गद्दार हो गए। इस बयान के लिए रामजीलाल सुमन को तुरंत माफी मांगनी चाहिए थी। हालांकि वे माफी मांगने के काबिल भी नहीं हैं। सपा सांसद ने कहा था- हिंदू गद्दार राणा सांगा की औलाद सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 22 मार्च को राज्यसभा में कहा- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था।

रामजीलाल सुमन, सपा सांसद
मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है।