Congress Leader Pratap Singh Bajwa 50 Bomb Statement Punjab Police Mohali Cyber ​​Cell Interrogation Update | प्रताप सिंह बाजवा से मोहाली में फिर पूछताछ: पुलिस ने किए तीन सवाल, नहीं दिया कोई जवाब, ग्रेनेड का सोर्स अभी तक नहीं बताया – Punjab News

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प्रताप सिंह बाजवा से हुई से मोहाली स्टेट साइबर सेल में हुई पूछताछ ।

पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा द्वारा टीवी चैनल को दिए 50 बमों वाले बयान के मामले में मोहाली स्थित स्टेट साइबर सेल में दर्ज केस के सिलसिले में आज दूसरी बार पुलिस के समक्ष पेश हुए। पुलिस की जांच टीम ने उनसे तीन सवाल

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ग्रेनेड बयान पर अभी भी कोई सोर्स नहीं बताया है। उनसे 2 बजे से शाम करीब 8.30 बजे करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ हुई। हालांकि इस मामले की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सात मई को सुनवाई होगी। तब तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई है। वहीं, उन्हें पूछताछ में शामिल होना होगा।

ऐसे चला था यह सारा मामला

बयान और विवाद की शुरुआत

बाजवा ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, “पंजाब में 50 ग्रेनेड आए थे, जिनमें से 18 इस्तेमाल हो चुके हैं, जबकि 32 बाकी हैं।” इस बयान के बाद 13 अप्रैल को मोहाली के साइबर क्राइम थाने में उनके खिलाफ एक महिला पुलिस कर्मचारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद करीब 6 घंटे तक उनसे पूछताछ भी की गई थी।

सरकार और पुलिस की कार्रवाई

13 अप्रैल को इंटरव्यू का टीजर जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। उसी दिन दोपहर 12 बजे एआईजी काउंटर इंटेलिजेंस रवजोत ग्रेवाल, बाजवा के घर पहुंचीं और उनसे ग्रेनेड की जानकारी का स्रोत पूछा, लेकिन बाजवा ने जांच में सहयोग नहीं किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक वीडियो जारी कर बाजवा से सवाल किया कि उन्हें यह जानकारी कहां से मिली? क्या उनके पाकिस्तान से संबंध हैं, जो आतंकवादी उन्हें सीधे फोन कर जानकारी दे रहे हैं? मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि जब यह जानकारी न राज्य इंटेलिजेंस के पास है और न ही केंद्रीय एजेंसियों के पास, तो क्या बाजवा इन बम धमाकों का इंतजार कर रहे थे ताकि राजनीति कर सकें?

एफआईआर और कोर्ट की प्रक्रिया

13 अप्रैल की शाम को पुलिस ने बाजवा को पूछताछ के लिए समन भेजा और 14 अप्रैल को दोपहर 12 बजे पेश होने को कहा। बाजवा उस दिन पेश नहीं हुए और उनके वकीलों ने एक दिन का समय मांगा। इसके बाद उन्हें 15 अप्रैल को दोपहर 2 बजे बुलाया गया। उसी दिन बाजवा के वकीलों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और उन्हें शाम 4 बजे एफआईआर की कॉपी सौंपी गई।

हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

15 अप्रैल को प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल की। उसी दिन दोपहर में कांग्रेसी नेता और उनके समर्थक चंडीगढ़ में इकट्ठा हुए। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से रात 8 बजे तक मोहाली पुलिस ने बाजवा से पूछताछ की। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने साइबर थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया।

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