ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सेना ने पंजाब में अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की कोशिश की थी। ऑपरेशन सिंदूर के 3 दिन तक जब पाक आर्मी कैंट और एयरबेस को टारगेट नहीं कर पाई तो गोल्डन टेंपल की तरफ मिसाइलें दागने लगे। हालांकि से
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इसका खुलासा पंजाब में तैनात सेना के एयर डिफेंडर्स ने किया है। सेना के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि नाकाम होने के बाद पाक आर्मी सिविलियंस को टारगेट करने लगी थी। हालांकि 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान में सीजफायर हो चुका है। जिसके बाद दोनों तरफ से हमलों की कोई खबर नहीं है।

मीडिया को जानकारी दते हुए सैन्य अधिकारी।
गोल्डन टेंपल पर हमले को लेकर सैन्य अधिकारी ने क्या कहा
सैन्य अधिकारी ने खुद को एयर डिफेंडर्स ऑफ पंजाब बताते हुए कहा- सभी जानते हैं कि पंजाब में अमृतसर और गोल्डन टेंपल, यहां की सिविल पॉपुलेशन ही नहीं, पूरे देश के लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। इसलिए इसकी प्रोटेक्शन हमारे लिए सबसे पहले है।
जैसे की आप जानते हैं कि हमारी आर्मी डिफेंस के पास टैक्टिकल्स कंट्रोल रडार, फायर कंट्रोल रडार्स, काउंटर यू.ए. सिस्टम, लांग रेंज सरफेस टू एयर रडार गाइडेड मिसाइल, ए.डी गन वेपन सिस्टम हैं। हमने लेयर्ड व टियर डिफेंस वेपन को यहां (लोकेशन को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता) बनाया है।
7 मई 2025 को हमने पाकिस्तान व पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चयनित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद साफ था कि पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा। जिसमें वे मिलिट्री ठिकानों को टारगेट करेगा।
पर हम तब हैरान रह गए, जब कुछ पाकिस्तान से गोल्डन टेंपल पर हमला करने के लिए ड्रोन और एयर टू सरफेस, सरफेस टू सरफेस वाली 2 तरह की मिसाइलें दागी गईं। लगभग 3 दिन तक उन्होंने हमारे मिलिट्री व एयर बेस को टारगेट करने की कोशिश की। सफलता ना मिलने पर इन्होंने यही ड्रोन और रॉकेट से सिविलियन एरिया और गोल्डन टेंपल समेत कुछ औ धार्मिक जगहों को टारगेट करना शुरू कर दिया।
हालांकि हमने सभी एयर रेड्स को पूरी तरह से विफल कर दिया गया। हमारी सिविल पॉपुलेशन ने भी हमारा साथ नहीं छोड़ा। इसी बात से अनुमान लगा लीजिए, हमारी एयरबेस वेपन और आर्मी का सिर्फ 10 फीसदी असला ही खर्च हुआ था। हम बताना चाहते हैं कि हमारे जवान मुस्तैद थे। जैसे-जैसे हमले बढ़े, हमारे जवान जोश से भरते गए और अधिक सटीकता से ड्रोन गिराते गए। हमने काफी गिनती में कामीकाजी ड्रोन व माइक्रो ड्रोन्स, जैसे ई-हात्री् और सौंगार भी रिकवर किए। ये टर्किश ओरिजिन के हैं।
पाक का ऐसा रिस्पांस व हमलों को देखते हुए, हम कह सकते हैं कि अभी वे हमारे सुरक्षा कवच को भेद नहीं सकते हैं। हम इस दीवार को और मजबूत कर रहे हैं। हमें एयर डिफेंडर्स ऑफ पंजाब कहा जाता है, पूरे पंजाब का इलाका हमारी जिम्मेदारी बनता है। हमने बहुत सटीकता से तैयारी की। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम ऐसा बना हुआ है कि कोई भी मिसाइल दागी जाए, किसी न किसी सतह पर हम उसे इंटरसेप्ट कर मार गिराएंगे।

गोल्डन टेंपल अमृतसर।