चंडीगढ़11 मिनट पहले
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हरियाणा सरकार ने करनाल और फरीदाबाद स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही करनाल स्मार्ट सिटी की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) का कार्यकाल भी इसी तिथि तक बढ़ाया गया है। इस फैसले से दोनों शहरों में लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और निर्मित परिसंपत्तियों को संबंधित विभागों को सुचारू रूप से हस्तांतरित करने में मदद मिलेगी। यह जानकारी मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त संचालन समिति (SLHPAC) की बैठक में दी गई। बैठक में करनाल और फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
CS के समय पर प्रोजेक्ट पूरे करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि यह विस्तार एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप दिया गया है, ताकि पूर्णता के निकट पहुंच चुकी शेष परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके और नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाओं का लाभ लगातार मिलता रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तकनीक आधारित विकास कार्यों ने शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत किया है, जिससे नागरिक सुविधाओं में सुधार हुआ है और लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और निर्मित सार्वजनिक परिसंपत्तियों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों के साथ मीटिंग करते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी।
करनाल में 930 करोड़ रुपए के चल रहे प्रोजेक्ट शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने बताया कि फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 916.83 करोड़ रुपये की लागत से 46 परियोजनाएं शुरू की थीं, जिनमें से 32 पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 23 परियोजनाएं संचालन एवं रखरखाव के लिए संबंधित विभागों को सौंप दी गई हैं। इसी तरह करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने लगभग 930 करोड़ रुपये की लागत से 122 परियोजनाएं शुरू कीं, जिनमें से 86 पूरी हो चुकी हैं। इनमें से 83 परियोजनाएं संबंधित एजेंसियों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। केंद्र-राज्य सरकार कर रहे वित्तीय मदद
बैठक में बताया गया कि दोनों शहरों ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आवंटित अनुदान का प्रभावी उपयोग किया है। प्रत्येक शहर को केंद्र और हरियाणा सरकार की ओर से 50:50 अनुपात में संयुक्त रूप से 980 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। बैठक में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह और नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
