Ludhiana-By-Election-FIR-Against-Congress-Candidate-Ashu-Close-Aide-News | लुधियाना में LDCA के पदाधिकारियों पर FIR: 5 साल पुराना है मामला, कांग्रेस उम्मीदवार आशु के सहयोगी भी पर्चे में शामिल – Ludhiana News

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लुधियाना पुलिस ने लुधियाना डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (एलडीसीए) और लुधियाना बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कथित गबन के आरोप में डिवीजन नंबर 8 थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

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डीसी ऑफिस से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई एफआईआर

पुलिस के मुताबिक डीसी ऑफिस से मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। गौरतलब है कि क्रिकेट और बैडमिंटन दोनों एसोसिएशन के कुछ सदस्य लुधियाना वेस्ट उपचुनाव लड़ रहे कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु के करीबी सहयोगी हैं।

एलडीसीए पिछले कई सालों से विवादों में है। एलडीसीए के कुछ पूर्व सदस्यों ने पदाधिकारियों पर अनियमितता, गबन, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए थे।

फंड का दुरुपयोग करने का आरोप

आरोप था कि फंड का दुरुपयोग किया गया और अनधिकृत तरीके से धन एकत्र किया गया। करीब दो साल पहले इसके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, शिकायत का नतीजा सार्वजनिक नहीं किया गया।

जहां तक ​​बैडमिंटन एसोसिएशन का मामला है, आरोप है कि पदाधिकारी सरकारी बैडमिंटन हॉल पर निजी अकादमी चला रहे हैं। निजी अकादमी द्वारा प्रवेश शुल्क, दान आदि भी वसूला जाता था, जैसा कि आरोप है। दोनों मामलों में डी.सी के समक्ष अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिसके बाद आरोपों की जांच के लिए समितियां गठित की गई थीं।

नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि डीसी कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने दोनों एसोसिएशनों के अज्ञात पदाधिकारियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इसके अलावा पुलिस मामले की जांच करेगी।

कांग्रेस के सीनियर नेता इश्वर जोत चीमा।

कांग्रेस के सीनियर नेता इश्वर जोत चीमा।

सरकार पर भड़के ईश्वर जोत चीमा

उधर, इस मामले में आशु के करीबी ईश्वर जोत सिंह चीमा ने कहा कि सरकार धक्केशाही पर उतर आई है। चुनाव नजदीक आने पर इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे है। लेकिन हलका पश्चमी के लोग अब बदलाव का मन बना चुके है। चीमा ने कहा कि वह चुनाव आयोग से मांग भी करेंगे कि 19 जून तक किसी भी पुराने मामले में एफआईआर आदि दर्ज न की जाए क्योंकि राजनीतिक रंजिश के कारण सरकार दबाव बनाकर मामले दर्ज करवा रही है।

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