'ऑपरेशन सिंदूर' को सम्मान देने भुज में बनेगा 'सिंदूर वन':20 एकड़ में बन रहे वन में पर्यटक राफेल, एस-400, ब्रह्मोस की प्रतिकृतियां देख सकेंगे

Actionpunjab
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कच्छ जिले में गुजरात सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सम्मान देने के लिए अहम घोषणा की है। भुज शहर के पास 20 एकड़ में सिंदूर वन बनाया जाएगा। यह वन पीएम मोदी की हाल ही में हुई सभा वाली जगह पर बनाया जाएगा। इस वन में पर्यटक एस-400, आईएनएस विक्रांत, राफेल की प्रतिकृतियां देख सकेंगे। गुजरात सरकार से मिली जानकारी के अनुसार यह ‘सिंदूर वन’ वर्ष 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस बारे में कच्छ कलेक्टर आनंद पटेल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना, सरकार और समाज ने मिलकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। कच्छ जिले के नागरिकों ने भी इस ऑपरेशन में बड़ा योगदान रहा। आने वाली पीढ़ियां ऑपरेशन सिंदूर के इतिहास को जान सकें और गर्व कर सकें। इसके लिए भुज शहर के पास करीब 20 एकड़ जमीन पर ‘सिंदूर वन’ बनाने की योजना बनाई गई है। वन के लिए जमीन की पहचान कर ली गई है। यह वन प्रशासन और वन विभाग की ओर से बनाया जाएगा। वन में सिंदूर के पौधे भी उगाए जाएंगे
कच्छ जिला वन संरक्षक संदीप कुमार ने दिव्य भास्कर को बताया कि राज्य सरकार की ओर से 2 करोड़ रुपए का अनुदान आवंटित किया गया है। जिसके तहत आज से 8 हेक्टेयर भूमि में सर्वे कार्य शुरू होगा और वन क्षेत्र में गड्ढे खोदकर पानी की व्यवस्था कर उसमें 35 से 40 हजार प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। ये पौधे ड्रिप पद्धति से उगाए जाएंगे। जिसमें सिंदूर के पौधों की संख्या विशेष होगी। ये सभी प्रक्रियाएं साल के अंत तक पूरी कर ली जाएंगी। उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित विशेष परियोजना लागू की जाएगी। इसके लिए डिजाइन ग्राफिक्स तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। जो मंजूरी मिलेगी, उस पर काम किया जाएगा। सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को दर्शाया जाएगा
सुंदर वन में नौसेना के विक्रांत जहाज की झलक, सेना, बीएसएफ और वायुसेना की ताकत को दर्शाने वाले हथियार। आधुनिक विमानों की प्रतिकृतियां, ड्रोन सिस्टम आदि शामिल हैं। यह स्थान स्थानीय लोगों के लिए घूमने-फिरने और गर्व की अनुभूति का अनुभव करने और देश की सैन्य शक्ति को देखने का स्थान होगा। लोग ताजी हवा का आनंद भी ले सकेंगे। हालांकि, उन्होंने प्रवेश शुल्क के बारे में कुछ कहने से मना कर दिया। इसके लिए फंडिंग, प्लानिंग समेत काम मंगलवार से शुरू कर दिए गए हैं। सीसीएफ डॉ. संदीप कुमार ने वन मंडल कार्यालय में पश्चिम कच्छ के उप वन संरक्षक हर्ष ठक्कर सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और योजना के मुद्दे पर चर्चा की। देश का अनूठा सिंदूर वन बनाने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार सीधा मार्गदर्शन दे रही है। भुज में है एशिया का सबसे बड़ा स्मारक पार्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 400 करोड़ रुपये की लागत से भुजिया पहाड़ियों की 470 एकड़ जमीन पर स्मृतिवन नाम का भूकंप स्मारक बनाया गया है। यह स्मारक देश का पहला भूकंप स्मारक पार्क है और एशिया के सबसे बड़े स्मारक संग्रहालय में स्थित है। 10 साल की कड़ी मेहनत के बाद विश्व स्तरीय स्मारक पार्क का उद्घाटन साल 2022 में पीएम मोदी ने किया था। यह स्मारक कच्छ के लोगों को सहानुभूति देने के साथ ही बाहरी लोगों को भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक जानकारियां देने वाला केंद्र भी है। यहां, वर्ष 2001 में आए भूकंप में अपनी जान गंवाने वाले 13,805 लोगों की स्मृति को कायम रखने के लिए मृतकों के नाम एक मूर्तिकला पट्टिका पर उकेरे गए हैं, जिन्हें जिले के प्रत्येक तालुका के अनुसार एक अलग पट्टिका के रूप में रखा गया है। वर्ष 2024 में स्मृतिवन भूकम्प संग्रहालय को दुनिया भर के 7 सबसे शानदार म्यूजियमों में चुना गया था। जिनमें से एक को यूनेस्को से पुरस्कार प्राप्त करने के बाद इस म्यूजियम की ख्याति देश ही नहीं,बल्कि विदेशों में भी फैल गई है। कच्छ का रण के दौरान यहां विदेशियों की भरमार थी।

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