Haryana Congress Vs BJP| Rahul Gandhi statement Voter List | राहुल के बयान पर BJP बोली-हमारी 22 सीटें कम आई: कहा- 12592 वोट और मिलते तो 55 सीट जीतते, कांग्रेस का दावा झुठलाया – Hisar News

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और BJP प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अलग-अलग राज्यों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी होने के आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने करीब 1 घंटे प्रेजेंटेशन दिया था। इस प्रेजेंटेशन में उन्होंने हरियाणा का जिक्र करते हुए कहा था कि 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुना

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अब BJP ने इस राहुल गांधी के इस बयान का करारा जवाब दिया है। BJP प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा है कि राहुल गांधी 22 हजार वोट की बात करते हैं। चुनाव में तो एक-एक वोट से हार जीत हो जाती है। बड़ौली ने कहा कि अगर 22 हजार वोट BJP के और आए तो हम 22 सीट और जीत जाते।

विधानसभा चुनाव में BJP 7 सीटें 12592 के अंतर से हार गई थी। बड़ौली ने इन्ही सीटों के जरिए राहुल गांधी को मैसेज देने की कोशिश की है। बड़ौली ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम कटने और जुड़ने की एक प्रक्रिया होती है। यह पूरी तरह निष्पक्ष होती है।

ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाना ठीक नहीं है। बड़ौली ने संकेत देते हुए कहा कि भाजपा बिहार की तरह बाकी राज्यों जिसमें हरियाणा भी है उसमें विशेष मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) की मांग चुनाव आयोग से कर सकती है।

कांग्रेस ने यह दावा किया था कि उसकी 8 सीट 22799 वोटों की कमी से नहीं आई।

कांग्रेस ने यह दावा किया था कि उसकी 8 सीट 22799 वोटों की कमी से नहीं आई।

हरियाणा में 5 महीने 4 लाख से ज्यादा मतदाता बढ़े हरियाणा में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बीच बढ़े मतदाताओं का अंतर निकाले तो यह 416103 लाख होता है। लोकसभा चुनाव में हरियाणा में 19938247 मतदाता थे जो विधानसभा चुनाव में बढ़कर 20354350 हो गए। यानि इस हिसाब से 90 विधानसभाओं का औसत निकाले तो यह करीब 4,623 होता है। यानि इन 5 महीनों में हर विधानसभा में 4,623 मतदाता बढ़ गए। हरियाणा विधानसभा में 12 विधानसभा ऐसी थी जहां हार जीत का अंतर 4,623 से कम रहा है।

भाजपा और कांग्रेस इन सीटों पर काम वोटों से हारी प्रदेश में 8 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस की हार 6 हजार वोटों के कम अंतर से हुई है। इन विधानसभा सीटों में उचाना कलां, चरखी दादरी, होडल, सफीदो, घरौंडा, असंध, राई और खरखौदा शामिल हैं। उचाना कलां सीट कांग्रेस महज 32 वोटों से हारी थी।

वहीं भाजपा की बात करें तो करीब 7 विधानसभा ऐसी है जो भाजपा साढ़े 3 हजार से कम वोटों के अंतर से हार गई थी। इसमें लोहारू, आदमपुर, रोहतक, साढौरा, पंचकूला, फतेहाबाद और थानेसर विधानसभा की सीटें शामिल हैं।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने BJP को कड़ी टक्कर दी हरियाणा में विधानसभा चुनाव से ठीक 5 महीने पहले मई में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 5-5 सीटें जीतीं। भाजपा को 46.11% वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 43.67% वोट मिले।

2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 12.09% घट गया था, वहीं कांग्रेस का वोट शेयर 15.25% बढ़ गया था।

2014 के बाद, राज्य में भाजपा का यह सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा था। पार्टी ने 2014 की मोदी लहर में प्रदेश की 10 में से 7 और 2019 में सभी 10 सीटें जीती थीं। 2024 में भाजपा 5 सीटें गंवा बैठी थी। दूसरी ओर, कांग्रेस की बात करें तो उसने पिछले 10 बरसों में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

2014 में पार्टी सिर्फ रोहतक सीट जीत पाई थी और 2019 में वह भी गंवा दी। 2024 में कांग्रेस ने वापसी करते हुए 5 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस ने रोहतक, सोनीपत, हिसार, सिरसा और अंबाला सीट जीती। इसके अलावा भाजपा ने करनाल, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम, फरीदाबाद और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट जीती।

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