सीकर में मास्टर प्लान 2041 के विरोध में आज कृषि उपज मंडी में सभा हुई। संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस सभा में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, सीकर सांसद अमराराम,सीकर विधायक राजेंद्र पारीक सहित कई जनप्रतिनिधि और लोग शामिल हुए। सभा में सर्वसम्मति से
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सभा को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि मैं तो एक किसान का,मास्टर का बेटा हूं मुझ पर बहुत आरोप लगे हैं। कोई छोटे-मोटे आरोप नहीं लगे हैं। बेटे को नौकरी दिला दी,बहू को नौकरी दिला दी,पेपर लीक किए। ईडी आई और इनकम टैक्स भी आई,क्या पूंछ उपाड़ लिया गोविंद सिंह डोटासरा का। मैं कहना चाहता हूं चाहे पेपर माफिया हो, चाहे कोई दूसरे माफिया हो जिसने बेईमानी की है। अगर तुम्हारा गुरुपीर सच्चा है,तुम में दम है और ताकत है तो उसको सलाखों के पीछे करो।
डोटासरा ने कहा कि 2031 का मास्टर प्लान हमारे यहां पर लागू है तो फिर 2041 का मास्टर प्लान क्यों होना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि सभी साथ मिलकर मास्टर प्लान के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे तो जीत की संभावना बढ़ेगी। लेकिन यह कहना कि डोटासरा ने यह कर दिया,अमराराम ने यह कर दिया,पारीक ने यह कर दिया कहना गलत है। आरोप कोई भी लगा सकता है। लेकिन जब कोई एक अंगुली दूसरे की तरफ करते हैं तो तीन अंगुली खुद की तरफ होती है।
2 साल से हम मीडिया में सुन रहे हैं कि पेपर माफिया और मगरमच्छों को जेल में करेंगे। करो ना कौन मना कर रहा है। डोटासरा ने कहा कि मैं दिल्ली में भी कहता हूं और यहां भी कॉलर ऊंची करके कहता हूं जिंदगी में कभी 1 रुपए की बेईमानी नहीं की। जिस दिन 1 रुपए की भी बेईमानी साबित हो जाती है तो राजनीति की बात करना छोड़ दूंगा।

सभा में मौजूद लोगों की भीड़। महिलाएं भी बड़ी संख्या में सभा में शामिल हुई।
डोटासरा ने कहा कि मास्टर प्लान के खिलाफ इस लड़ाई में हम सभी साथ हैं। जब भी संघर्ष समिति को कांग्रेस पार्टी और गोविंद सिंह डोटासरा की आवश्यकता हो तो सब कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े हैं।
डोटासरा ने कहा कि मैं जितना आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ मंच पर बोलता हूं। गिने ही नेता आपको मिलते होंगे जो साहस के साथ आपको बोलते होंगे कि आप में हिम्मत है तो उस गड़बड़ को पकड़ कर दिखाओ। तमाशा बनाने,राजनीतिक रोटियां सेकने से कोई फायदा नहीं।
डोटासरा ने कहा कि हमारी सरकार के समय सीकर का मास्टर प्लान 2041 लागू हुआ। क्योंकि सीकर संभाग बन चुका था। लेकिन हुआ क्या सीकर से संभाग का दर्जा चला गया। तो फिर यह मास्टर प्लान क्यों।

सभा में बैठने के लिए कोई मंच नहीं था। केवल पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा,सांसद अमराराम और विधायक राजेंद्र पारीक कुर्सी पर बैठे थे।
डोटासरा ने कहा कि मैंने विधानसभा में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा से पूछा था कि जब आप संभाग निरस्त कर रहे हैं तो क्या मास्टर प्लान लागू करेंगे। तब उन्होंने जवाब दिया था कि जो मास्टर प्लान बना है उसकी 20 शिकायत मेरे पास आई। वह शिकायतें राजनेताओं और भूमाफियाओं के गठजोड़ की है। यह विधानसभा के पटल पर भी लिखा हुआ है। अब मैं मंत्री और मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि जिस किसी बेईमान ने यह गठजोड़ किया हो,उसे बेनकाब करना चाहिए। डोटासरा ने कहा कि जब नगरीय निकाय मंत्री आपके जिले का है तो फिर आपके खून के आंसू क्यों आ रहे हैं।

सांसद अमराराम ने कहा कि मास्टर प्लान के खिलाफ 6 हजार आपत्तियां दर्ज हुई है।
सीकर सांसद अमराराम ने कहा कि सीकर के मास्टर प्लान 2041 के खिलाफ नगर परिषद में करीब 6 हजार आपत्तियां दर्ज हुई है। किसी भी हाल में इस मास्टर प्लान को लागू नहीं होने दिया जाएगा।
सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार जनता बनाती है। सरकार मां के पेट से पैदा नहीं होती है। जो बनाते हैं वह बिगाड़ना भी जानते हैं। हर जन प्रतिनिधि को एक कैसेट सुननी चाहिए”चल उड़ जा रे पंछी,यह देश हुआ बेगाना।”मैं भी कभी मंत्री था,मंत्री आते-जाते रहते हैं,कल कोई और था आज कोई और है लेकिन जनता यहीं रहेगी।