वाराणसी के दालमंडी से उठा अलम व दुलदुल का जुलूस।
इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में 15 अगस्त को चेहलुम मनाया गया। इसी क्रम में वाराणसी के दालमंडी इलाके के चहमामा से खादिम हुसैन के घर से जुलूस निकाला गया। अलम, जुलजनाह और तुर्बत के इस जुलूस में अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहा मातम किया। वह
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दालमंडी से उठा जुलूस दरगाह फातमान, लल्लापुरा में समाप्त हुआ। वहीं अर्दली बाजार में उठा जुलूस वापस इमामबाड़े में आकर समाप्त हुआ।
खादिम हुसैन के घर से उठा जुलूस वाराणसी के दालमंडी इलाके से सुबह चेहलुम का जुलूस उठाया गया। जिसमें अलम, तुर्बत और जुलजनाह की जियारत को लोग उमड़े। अकीदतमंदों ने जियारत की और मन्नतें मांगी। 100 साल पुराना यह जुलूस दालमंडी, नई सड़क, कालीमहल, पितरकुंडा, लल्लापुरा होता हुआ दरगाह फातमान पर समाप्त हुआ।
अंजुमन हैदरी ने की नौहाख्वानी व मातम जुलूस में अंजुमन हैदरी, चौक बनारस ने नौहाख्वानी व मातम किया। इमाम हुसैन और उनके साथियों के याद में नौहा पढ़ा गया जिसपर मातमी दस्ते ने मातम किया।
अर्दली बाजार में उठी अमारी इमाम हुसैन के चेहलुम के दिन अर्दली बाजार स्थित उल्फत बीबी के हाते से अमारी का जुलूस उठाया गया। यह जुलूस अंजुमन इमामिया ने उठाया। जुलूस अपने कदीमी रास्तें से होता हुआ अर्दली बाजार मेन रोड पर पहुंचा जहां तकरीर हुई। तकरीर के बाद जुलूस आगे बढ़ा और 200 साल पुराना यह जुलूस वापस इमामबाड़े में आकार समाप्त हुआ।
देखिये दोनों जुलूसों की तस्वीरें…

इमाम हुसैन का मनाया गया चेहलुम।

दालमंडी से उठे जुलूस में अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने की नौहाख्वानी व मातम।

अर्दली बाजार में उठाया गया अमारी का जुलूस। उमड़े जायरीन।
शहर की कई अंजुमनों ने की शिरकत जुलूस में अंजुमन इमामिया के अलावा शहर की 10 अंजुमनों ने शिरकत किया और नौहाख्वानी व मातम किया। जुलूस के अर्दली बाजार मेन रोड पर पहुंचने पर तकरीर हुई। जिसमें अब्बास के परचम के साथ देश का झंडा भी लहराया गया।