हरियाणा के भिवानी की टीचर मनीषा केस में अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन (CBI) जांच करेगी। देर रात मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसका ऐलान किया। सीएम सैनी ने खुद इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर इसकी जानकारी साझा की।
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उन्होंने लिखा, भिवानी की हमारी बेटी मनीषा और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश सरकार तथा पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं। मैं स्वयं लगातार इस मामले की रिपोर्ट ले रहा रहा हूं।
परिवार की मांग के आधार पर हरियाणा सरकार निष्पक्ष जांच के लिए इस केस को CBI को सौंपने जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।
यहां पढ़िए CM का ट्वीट…

अब तक सरकार ये कर चुकी कार्रवाई
भिवानी में निजी स्कूल की टीचर मनीषा की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) सहित छह पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद आइपीएस मनबीर सिंह को हटाकर आइपीएस सुमित कुमार को भिवानी का नया एसपी लगाया जा चुका है।
साथ ही लोहारू के थाना प्रभारी अशोक, महिला एएसआइ शकुंतला, डायल-112 की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) टीम के एएसआइ अनूप, कांस्टेबल पवन और एसपीओ धर्मेंद्र को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला….
भिवानी के लोहारू थाने के गांव ढाणी लक्ष्मण की 18 वर्षीय बेटी मनीषा प्राइवेट प्ले स्कूल में टीचर थी। उसका शव 13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेतों में मिला। गला रेता हुआ था। सड़-गल चुके शव की गर्दन की स्किन और मसल्स के साथ हड्डियां भी गायब हैं।
दुष्कर्म की आशंका के चलते सैंपल भी लैब में भेजे गए थे। 14 अगस्त को मनीषा के परिवार ने शव उठाने से इनकार करते हुए पुलिस अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, लेकिन अभी तक गुत्थी नहीं सुलझ पाई है।