गांव बलड़ी में मकान की गिरी छत और पड़े मलबे का दृश्य।
करनाल जिले के बलड़ी गांव में मंगलवार-बुधवार की रात बरसात के कारण एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे के वक्त पूरा परिवार घर में सो रहा था। अचानक छत की मिट्टी गिरने लगी, जिससे शोर सुनकर सभी जाग गए और तुरंत बाहर निकल आए। गनीमत रही कि सभी सुरक्षित बाहर आ गए, वर
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बाहर निकलते ही ढही छत और बरामदा
परिवार के बाहर निकलते ही चार-पांच कड़ियां नीचे गिर गई। इसके बाद बरामदे की छत भी भरभराकर ढह गई। मलबे में घर का सारा घरेलू सामान दब गया। परिवार ने रात पड़ोसियों के घर में शरण ली और सुबह ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया। घर से बाहर निकलते समय संजीव कुमार की बुजुर्ग माता को एक कड़ी लग गई, जिससे उनके शरीर पर गुम चोट आई है।

जानकारी देते हुए परिवार व अन्य ग्रामीण।
वहीं हादसे में बैड, अलमारी, गैस चूल्हा, ट्रंक और अन्य जरूरी सामान मलबे में दब गया। परिवार के लिए अब रोजमर्रा की जरूरतें भी चुनौती बन गई हैं।
मकान मालिक बोला- सुनवाई नहीं हुई
घर के मालिक संजीव कुमार ने बताया कि रात को तेज बारिश हो रही थी और परिवार गहरी नींद में था। अचानक छत से मिट्टी गिरने लगी, तो सभी बाहर निकले और देखते ही देखते पूरा मकान ढह गया। उन्होंने बताया कि वह गरीब परिवार से हैं और दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन करते हैं। उनका बजट इतना नहीं है कि मकान की मरम्मत करवा सकें।
फॉर्म भरा, योजना का नहीं मिला लाभ
संजीव ने कहा कि उसने मकान को पक्का करवाने के लिए कई बार फॉर्म भरे, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। सरकार योजनाओं के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन वे योजनाएं गरीब तक पहुंच ही नहीं पातीं। पीड़ित ने प्रशासन से मदद और मुआवजे की मांग की है, ताकि परिवार दोबारा छत के नीचे रह सके।
करनाल के गांव बलड़ी में ढही छत तथा मौके पर एकत्रित ग्रामीण