अभिजीत सिंह | गोरखपुर1 मिनट पहले
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गोरखपुर में संयुक्त वाम दल और ट्रेड यूनियन नेताओं ने शनिवार को DM दीपक मीणा को ज्ञापन सौंपते हुए स्व. केदारनाथ सिंह की मूर्ति के संरक्षण की मांग की। यह मूर्ति सिविल लाइंस स्थित बंगला नंबर-04 पर स्थापित है, जिसे स्थानीय जनता ने उनकी स्मृति में लगवाया था।
वाम दल नेताओं ने कहा कि स्व. केदारनाथ सिंह ने अपने जीवनकाल में गरीबों, पिछड़ों, छात्रों, किसानों और शोषित वर्गों के हक की लड़ाई लड़ी। वे समाज के हर वर्ग में सम्मानित थे और इसी कारण क्षेत्रीय जनता ने उनकी याद में मूर्ति स्थापित कराई।
भू-माफिया पर जमीन हड़पने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि भू-माफिया ओमप्रकाश जालान ने फर्जी कागजात और धांधली के जरिए नजूल की इस भूमि को अपने नाम करा लिया। आरोप है कि पैसों के बल पर सुप्रीम कोर्ट से भी अपने पक्ष में फैसला हासिल कर लिया गया और अब सरकारी संरक्षण भी मिल रहा है।
सरकारी जमीनों पर कब्जे की आशंका
नेताओं ने कहा कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और वन विभाग की जमीनों पर भी इसी तरह कब्ज़े की कोशिशें की जा रही हैं। यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो शहर की अधिकांश सरकारी ज़मीनों पर भू-माफिया का कब्ज़ा हो जाएगा।
सख्त जांच- कार्रवाई की मांग
वाम दल और ट्रेड यूनियन नेताओं ने डीएम से मांग की कि स्व. केदारनाथ सिंह की मूर्ति का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ओमप्रकाश जालान जैसे भू-माफियाओं की संपत्तियों की उच्च स्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से अटल बिहारी सिंह और अल्ताफ, भारतीय मार्क्सवादी पार्टी से शिव वचन यादव और अरविन्द, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) से रंजीश साहनी और ट्रेड यूनियन से आशीष चौधरी शामिल रहे। इन सभी नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मूर्ति को सुरक्षित रखा जाए और भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई हो।
