विनेश फोगाट ने यह फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है।
हरियाणा में जींद जिले की जुलाना विधानसभा से कांग्रेस विधायक पूर्व रेसलर विनेश फोगाट के बेटे की पहली तस्वीर सामने आई है। उन्होंने यह फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की। हालांकि, अपनी पोस्ट में विनेश ने बेटे के चेहरे को एक स्माइली इमोजी से ढका हुआ था।
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इस पोस्ट के साथ विनेश ने लिखा-
इसके पिता ने कृष्ण भगवान को हमेशा अपने हृदय में, आस्था में, प्रार्थनाओं में और जीवन के हर पल में धारण किया है। आज वह भक्ति हमारे बेटे के नाम कृधव (कृष्ण + माधव) में जीवित है। ईश्वर करे कि इसका जीवन इसके नाम की तरह दिव्य हो, और उसकी मुस्कान की तरह आनंदमय हो।

बता दें कि विनेश की शादी करीब 7 साल पहले पहलवान सोमवीर राठी से हुई थी। इसके बाद करीब 2 महीने पहले 1 जुलाई को दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने बेटे को जन्म दिया था। अब करीब 67 दिन बाद विनेश ने बेटे का फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है।

विनेश फोगाट के बेटे कृधव को गोद में लेकर बैठीं सोमवीर राठी की मां।
मां बनने के एक सप्ताह बाद पैरों की फोटो शेयर की विनेश फोगाट ने 1 जुलाई को पहली बार मां बनने के करीब एक सप्ताह बाद ही अपने बेटे की एक फोटो इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इसके साथ उन्होंने लिखा था- एक हफ्ता पहले हमारा बेटा रोने की मधुर आवाज के साथ आया और जो प्यार वो लाया है वो अनंत है।
विनेश ने आगे लिखा था, ‘एक छोटी सी धड़कन, लाखों भावनाएं। हमने पहले कभी इस तरह की खुशी महसूस नहीं की थी। दुनिया में आपका स्वागत है, छोटे बच्चे!’ डिलीवरी के करीब 2 महीने तक विनेश फोगाट सार्वजनिक जगहों पर भी नहीं गई थीं।

डिलीवरी के करीब एक सप्ताह बाद ही विनेश ने अपने बच्चे के पैरों की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।
प्रेग्नेंसी एनाउंस करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया विनेश फोगाट ने 6 मार्च 2025 को अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए की थी। उन्होंने पति सोमवीर राठी के साथ एक फोटो शेयर करते हुए लिखा था, “ऑवर लव स्टोरी कंटिन्यू विद न्यू चैप्टर (एक नए अध्याय के साथ हमारी प्रेम कहानी जारी है)।” पोस्ट में उन्होंने बच्चे के पैरों के निशान और प्यार का प्रतीक भी शेयर किया था।

प्रेग्नेंसी की घोषणा करने के लिए विनेश यह फोटो शेयर किया था। – फाइल फोटो
विनेश और सोमवीर राठी की यह है लव स्टोरी…
- 17 साल की उम्र में प्यार हुआ: विनेश फोगाट मूल रूप से चरखी दादरी के गांव बलाली की रहने वाली हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वह 17 साल की थीं, तब उन्हें पहली बार प्यार हुआ। जुलाना क्षेत्र के बख्ता खेड़ा के रहने वाले पहलवान सोमवीर राठी उन्हें पसंद करते थे। सोमवीर ने ही लव स्टोरी को आगे बढ़ाने की पहल की थी। उन्होंने दोस्तों की मदद से विनेश का मोबाइल नंबर निकाला था, लेकिन वह नंबर विनेश की मां का था।
- राठी बोले- पहलवान जी, दोस्ती करनी है: विनेश ने बताया कि सोमवीर ने पहली बार जब फोन किया तो बोले- पहलवान जी, मुझे आपसे दोस्ती करनी है। हालांकि, विनेश ने पूरी बात सुनने से पहले ही फोन काट दिया। विनेश को डर लग रहा था। वह नहीं चाहती थीं कि उनकी मां को यह बात पता चले।
- मैसेज भेजा- हड्डियां तोड़ दूंगी: फोन काटने के बाद विनेश ने राठी को मैसेज कर बताया कि यह उनकी मां का नंबर है। इस पर दोबारा फोन किया तो हड्डियां तोड़ दूंगी। इसके बाद सोमवीर ने 2 साल तक फोन नहीं किया। हालांकि, हर रोज सुबह मैसेज में एक शायरी लिखकर भेजते थे। विनेश ने उसका कभी जवाब नहीं दिया। धीरे-धीरे विनेश दोस्ती करने के लिए मान गईं।
- नौकरी के दौरान डेटिंग शुरू की: विनेश और सोमवीर को खेल कोटे से रेलवे में नौकरी मिल गई थी। यहां उनकी मुलाकात हुई और करीबियां बढ़ीं। दोनों ने डेटिंग भी शुरू कर दी थी।
- एयरपोर्ट पर प्रपोज किया: साल 2018 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में विनेश ने गोल्ड मेडल जीता। जब वह मेडल जीतकर भारत लौटीं तो दिल्ली एयरपोर्ट पर राठी ने उन्हें प्रपोज कर दिया और अंगूठी पहना दी।
- 8 फेरे लेकर शादी की: दोनों ने 14 दिसंबर 2018 को शादी की। उन्होंने 8 फेरे लिए थे। आठवां फेरा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी खिलाओ की शपथ पर खत्म हुआ था। तब से ये दोनों एक साथ हैं। सोमवीर भी कुश्ती खिलाड़ी हैं। 2 बार नेशनल चैंपियन रह चुके हैं।

बेटी गीता, बबीता, संगीता और रितु फोगाट के साथ महावीर फोगाट। इनके परिवार पर ही बॉलीवुड फिल्म दंगल बनी थी। विनेश फोगाट महावीर फोगाट की भतीजी हैं।
विनेश फोगाट के रेसलर बनने से लेकर ओलिंपिक गोल्ड से चूकने की कहानी…
- पिता की मौत हुई, चाचा ने ट्रेनिंग दी: विनेश फोगाट का जन्म 25 अगस्त 1994 को हरियाणा के चरखी दादरी ज़िले के बलाली गांव में हुआ था। वह प्रसिद्ध फोगाट परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जहां गीता, बबिता और रितु फोगाट जैसी कुश्ती चैंपियन पहले से मौजूद थीं। बचपन में ही उनके पिता राजपाल फोगाट का देहांत हो गया, जिसके बाद उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट ने उन्हें कुश्ती की सख्त ट्रेनिंग दी। तब गांव के लोगों ने विरोध किया कि लड़कियों को अखाड़े में क्यों उतार रहे हो लेकिन महावीर फोगाट ने सामाजिक आलोचना की परवाह किए बिना विनेश को आगे बढ़ाया। इस माहौल ने विनेश को मजबूत बनाया और उन्होंने ठान लिया कि वे सिर्फ महिला पहलवान नहीं, देश की शीर्ष पहलवान बनेंगी।
- कैसे पहलवान बनीं: महावीर फोगाट की देखरेख में विनेश ने बचपन से ही पहलवानी की प्रैक्टिस शुरू कर दी। वे सुबह 4 बजे उठतीं, सख्त डाइट और रूटीन फॉलो करतीं। गांव की मिट्टी के अखाड़े से शुरुआत करते हुए उन्होंने जूनियर स्तर पर कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीतीं। 2013 में पहली बार उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली, जब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड जीतकर देशभर का ध्यान खींचा। यही वो मुकाम था जहाँ भारत ने उन्हें गंभीरता से एक ओलिंपिक दावेदार के रूप में देखना शुरू किया।
- 3 बार कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता, 2 पुरस्कार मिल चुके: विनेश फोगाट ने देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय मेडल जीते। वे पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं जिन्होंने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स दोनों में गोल्ड मेडल जीते। कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने तीन बार (2014, 2018, 2022) गोल्ड जीता। 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में उन्होंने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में दो बार ब्रॉन्ज (2019, 2022) जीतकर उन्होंने भारत को गौरव दिलाया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार (2016) और देश का सर्वोच्च खेल सम्मान ‘राजीव गांधी खेल रत्न’ (अब ध्यानचंद खेल रत्न) 2020 में दिया गया। वे हमेशा “फिटनेस, फोकस और फाइट” के मंत्र के साथ आगे बढ़ीं।
- ओलिंपिक गोल्ड से चूकीं, सन्यास लिया: विनेश फोगाट की ओलंपिक यात्रा भावनात्मक और संघर्षपूर्ण रही। 2016 के रियो ओलिंपिक में वह बेहतरीन फॉर्म में थीं, लेकिन क्वार्टर फाइनल के दौरान उनके घुटने की लिगामेंट (ACL) फट गई और उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया। टोक्यो ओलिंपिक 2020 में वह वापसी के साथ उतरीं। एक जीत के बाद क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, और मेडल से चूक गईं। 2024 के पेरिस ओलिंपिक में उन्होंने एक ही दिन में 3 फाइट जीतकर फाइनल में एंट्री ली। मगर, 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से उन्हें फाइनल में अयोग्य करार दे दिया गया। वह फाइनल मुकाबला नहीं खेल सकीं। इसके बाद उन्होंने रेसलिंग से संन्यास ले लिया।
