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कोटा यूनिवर्सिटी के परीक्षा परिणामों में लगातार खामियों और अनियमितताओं से परेशान छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों विद्यार्थी यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे और कुलसचिव भावना शर्मा को 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन स
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छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय जानबूझकर सही उत्तर लिखने के बावजूद 00 या बेहद कम अंक दे रहा है, ताकि विद्यार्थियों को रिवैल्यूएशन के लिए मजबूर किया जा सके और उनसे अतिरिक्त फीस वसूली जा सके। छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा कि हाड़ौती संभाग के लगभग 80 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और बार-बार परीक्षा शुल्क या रिवैल्यूएशन शुल्क भर पाना उनके लिए मुश्किल है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में रिवैल्यूएशन का परिणाम एक माह के भीतर जारी करना, अनिवार्य विषयों की आंसर-की सार्वजनिक करना, शैक्षणिक कैलेंडर समय पर जारी करना, लंबित रिजल्ट घोषित करना, बीए-बीएससी-बीकॉम फाइनल ईयर की अंकतालिकाएं और लंबित डिग्रियां उपलब्ध कराना शामिल हैं। इसके अलावा, दिसंबर-जनवरी में नियमानुसार सेमेस्टर परीक्षाएं कराने और 22 अगस्त को बाढ़ के कारण परीक्षा न दे पाए छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित करने की भी मांग उठाई गई।
छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में अनियमितताओं और देरी के चलते उनकी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। आशीष मीणा ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कुलसचिव भावना शर्मा ने छात्रों की मांगों को वाजिब मानते हुए जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में छात्रनेत्री चित्रांश कंवर, हेमंत मीणा, मयंक मीणा समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।